मूढ़ापांडे के वीरपुर बरियार में लकड़ी के तीर से तीन बच्चों का थ्रोट सैंपल लेने का मामला उजागर होने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया हैै। सैंपल कलेक्ट करने में लापरवाही बरतने पर मूढ़ापांडे सीएचसी के प्रभारी सहित पांच लोगों का वेतन रोक दिया गया। साथ ही गांव की एएनएम के सस्पेंशन की संस्तुति कर दी गई है। वहीं मंगलवार को सीएमओ और डिप्टी सीएमओ ने गांव में कैंप किया।
वीरपुर बरियापुर में पिछले तीन महीने में चार बच्चों की गले दर्द और बुखार से मौत हो गई। मामला सामने आने पर सोमवार को मूढ़ापांडे सीएचसी की टीम गांव पहुंचे मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। तीन बच्चों में डिप्थिरियों के सिमटम मिलने पर उनका थ्रोट सैंपल लिया गया। लेकिन सैंपल लेने के लिए उनके पास थ्रोट स्वाब कलेक्टिंग स्टीक नहीं थी। मुंह के रास्ते तीन बच्चों के गले से थ्रोट सैंपल कलेक्ट किया गया। ‘अमर उजाला’ ने इस मामले का प्रमुखता से उठाया। जिसपर स्वास्थ्य विभाग ने एक्शन लेते हुए सैंपल कलेक्ट करने लापरवाही बरतने वाले चार स्टाफ और मूढ़ापांडे चिकित्सा प्रभारी डा. नरेंद्र का वेतन रोक दिया है। जबकि गांव की एएनएम के निलंबन की संस्तुति की गई है।
वही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ और डिप्टी सीएमओ मंगलवार को खुद वीरपुर बरियार पहुंचे। जहां उनकी मौजूदगी में 170 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ की गांव में स्वास्थ्य सेवाओं का भी जायजा लिया। डिप्टी सीएमओ डा. रंजन गौतम ने बताया कि सैंपल कलेक्ट करने में लापरवाही बरतने पर चिकित्सा प्रभारी और सैंपल लेने वाले चार स्टाफ का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही सभी स्पष्टीकरण तबल किया गया। टीकाकरण की प्रगति खराब होने पर एएनएम के सस्पेंशन की संस्तुति की गई है। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है।
डब्ल्यूएचओ ने मामला संज्ञान में लिया
मुरादाबाद। लकड़ी के तीर से बच्चों का थ्रोट सैंपल लेने के मामले को डब्ल्यूएचओ ने संज्ञान में लिया है। मामला लखनऊ पहुंचने पर डब्ल्यूएचओ ने जिला प्रतिरक्षक अधिकारी से फोन पर जानकारी ली। साथ ही अन्य अधिकारियों से भी संपर्क भी किया गया।