अक्तूबर 2023 में मुरादाबाद मंडल के गजेटियर का पहला संस्करण जारी किया गया था। इसके बाद अगस्त 2024 में दूसरा संस्करण आया। दो भाग वाले इस गजेटियर में मंडल के इतिहास, प्राचीन स्थल, प्रमुख धार्मिक स्थल, पर्व और मेलों इत्यादि का जिक्र किया गया है। इसके अलावा मंडल के प्रमुख व्यक्तित्व, उल्लेखनीय व्यक्ति, कला संस्कृति, बुक्सा जनजाति, ब्रिटिश शासन के दौरान घोषित आपराधिक जनजातियां से जुड़ीं जानकारियों को भी शामिल किया गया है।
गजेटियर में संभल के नेजा मेले का भी जिक्र है। गजेटियर के दूसरे संस्करण में पेज नंबर 21 और 22 पर नेजा मेले के संदर्भ में सालार गाजी और पृथ्वीराज चौहान का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि दोनों के काल खंड में अंतर है। गजेटियर में नेजा मेले को बड़ा मेला बताया गया है। लेकिन, यह भी कहा गया है कि इस मेले की शुरुआत से जुड़े कोई ठोस ऐतिहासिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। यही वजह है कि नेजा मेले को सांस्कृतिक पहचान के तौर पर गजेटियर में प्रमुखता से जगह नहीं दी जा रही है।
गजेटियर में यह है जिक्र
सामाजिक, सांस्कृतिक और लोक संदर्भों के संबंध में यह पड़ताल विकट स्थिति भी पैदा करती है, क्योंकि प्रायः पर्याप्त अध्ययन के उपरांत भी मान्यताओं से प्राप्त सूचनाओं से स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकल पाता। पारंपरिक रूप से बिजनौर से राजा बेन को जोड़ा जाता है, परंतु राजा बेन संबंधित स्थल और उनकी कहानियां पूरे मुरादाबाद मंडल में अलग-अलग तरीकों से, अलग-अलग काल खंडों और संदर्भों में बिखरी पड़ी हैं। वस्तुतः राजा बेन तो पंजाब से लेकर बिहार तक अलग-अलग काल खंडों और स्थलों में प्रचलित हैं। यही तथ्य राजा बेन की ऐतिहासिकता को पौराणिकता में बदल देता है।
इसी प्रकार नेजा मेला एक बड़ा मेला होते हुए भी अपनी पृष्ठभूमि के संदर्भ में अपनी उपादेयता खो देता है, क्योंकि सालार गाजी और पृथ्वीराज चौहान के वर्णित काल-खंड के मध्य इतना अधिक अंतराल है कि पृथ्वीराज चौहान की संभल में उपस्थिति के प्रमाण उपलब्ध होने पर भी दोनों का एक समय एक साथ होना संभव नहीं हो सकता। नेजा मेला की कोई और महत्वपूर्ण सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि ज्ञात न होने से उसे गजेटियर के इस संस्करण से बाहर रखने को विवश होना पड़ा। इन्हीं कारणों से गजेटियर के इस संस्करण को तैयार करते समय पर्याप्त सावधानी बरती गई है, ताकि सूचनाओं का वर्गीकरण उपयुक्त प्रकार से हो सके और ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और लोक संदर्भ स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किए जा सकें।
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