यूपी 112 से आठ दो बाइक भी जुड़ें हैं
गली मोहल्ले और घनी आबादी तक चार पहिया वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। जिस कारण पीड़ित तक पुलिस पहुंचने में देर हो जाती है। लोगों की मदद के लिए शासन से मुरादाबाद को आठ दो पहिया वाहन भी मिल चुके हैं। यह वाहन भी सीधे 112 से जुड़े हैं। इन वाहनों में भी सीसीटीवी कैमरे, वायरलेस समेत अन्य सुविधाएं हैं।
जीजा की जगह नौकरी करता रहा साला, पुलिस को नहीं लगी थी भनक
मुरादाबाद। मुजफ्फरनगर निवासी सिपाही अनिल कुमार का चयन सहायक अध्यापक के पद पर हुआ तो उसने साजिशन बरेली से मुरादाबाद अपना ट्रांसफर करा लिया, यहां उसने अपनी जगह अपने साले सुनील कुमार को भेज दिया था। सुनील चार साल तक अपने जीजा की जगह पीआरवी पर नौकरी करता रहा। सुनील ने वर्दी में अपने कुछ फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए तो उसके गांव के किसी व्यक्ति ने एसएसपी से शिकायत की। इसके बाद मामला प्रकाश में आया था, वरना पुलिस अधिकारी तो उसे चेकिंग में भी नहीं पकड़ पाए थे।
जनपद में पीआरवी 112 के 89 चार पहिया संचालित हैं। हर माह प्रत्येक गाड़ी को 32 हजार रुपये का पेट्रोल उपलब्ध कराया जाता है। अगर किसी गाड़ी में 32 हजार के पेट्रोल की खपत नहीं हो पाती है तो शेष रकम वापस हो जाती है। अगर किसी गाड़ी में अधिक खर्च होता है तो शासन से अनुरोध कर उस गाड़ी के चालक के कार्ड में अतिरिक्त रकम भिजवा दी जाती है। बीच बीच में इन गाड़ियों की चेकिंग भी की जाती है। - सुभाष चंद्र गंगवार, यूपी 112 के प्रभारी, एसपी यातायात
कम एवरेज दिखाकर करते हैं घोटाला
यूपी 112 के एक चार पहिया वाहन में पेट्रोल के लिए हर महीने 32 हजार रुपये मिलते हैं। वाहनों में तेल का खेल करने के लिए पुलिसकर्मी गाड़ी का एवरेज कम दिखाते हैं। ऐसा कर महीनेभर में 32 हजार रुपये के पेट्रोल की खपत दर्शा देते हैं। जबकि हकीकत में यह गाड़ियों निर्धारित स्थानों पर खड़ी रहती हैं। कॉल आने पर ही इनका मूवमेंट होता है।
सुसाइड नोट और सिपाही के पिता के आरोपों की जांच कर रहे अधिकारी
मुरादाबाद। सुसाइड नोट और सिपाही के पिता के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। फंदे पर लटक कर आत्महत्या करने वाले सिपाही अमित कुमार ने तीन माह पहले साथी पुलिस कर्मियों की शिकायत अफसरों से की थी। सिपाही के पिता का दावा है कि यह शिकायत मौखिक की गई थी। इसके बाद ही सिपाही को पीआरवी से हटाकर रिजर्व में कर दिया गया था।
अमरोहा जनपद के रजबपुर थाना क्षेत्र के अटेरना गांव निवासी सिपाही अमित कुमार की ड्यूटी मुरादाबाद में यूपी 112 पीआरवी पर चल रही थी। वह मझोला थाना क्षेत्र के लाइन पार प्रकाशनगर में किराये के मकान में अकेले रहते थे। रविवार सुबह अमित ने रस्सी से फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली थी।
सिपाही के पिता सोमपाल ने हेड कांस्टेबल कयास अहमद, कांस्टेबल भानू प्रताप और होमगार्ड शमीम अहमद के खिलाफ आत्महत्या के उकसाने में केस दर्ज कराया है। पिता का आरोप है कि साथी पुलिस कर्मी मेरे बेटे का उत्पीड़न कर रहे थे। 40 लीटर पेट्रोल घोटाले को लेकर उसे परेशान किया जा रहा था।
उसे पीआरवी से हटाकर रिजर्व कर दिया गया था। इसके बाद भी आरोपी उसे कॉल कर परेशान कर रहे थे। पिता का दावा है कि उसके बेटे को किसी दूसरे वाहन पर तैनात कर दिया जाता तो शायद वह आत्महत्या नहीं करता। एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार का कहना है कि मौके से मिले सुसाइड नोट और सिपाही के पिता के आरोपों की भी जांच की जा रही है।