मुरादाबाद। जिला अस्पताल में दांतों के एक्सरे की सुविधा जल्द शुरू हो सकती है। अस्पताल में रेडियो विजियोग्राफी (आरवीजी) मशीन स्थापित करने की तैयारी है। इससे दांतों का एक्सरे अस्पताल में ही हो सकेगा और उसकी डिजिटल तस्वीर तुरंत डॉक्टर के कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देगी। इससे दंत रोग विशेषज्ञों को बीमारी की पहचान करने और उपचार तय करने में आसानी होगी।
जिला अस्पताल की दंत रोग ओपीडी में रोजाना 60 से 70 मरीज पहुंचते हैं। यहां तीन दंत रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। फिलहाल दांतों के एक्सरे की जरूरत पड़ने पर मरीजों को बाहर जाना पड़ता है। एक्सरे कराने के बाद उन्हें फिल्म या रिपोर्ट लेकर डॉक्टर के पास लौटना होता है। या फिर जिला अस्पताल में एक्सरे कराने के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ता है। इसके बाद डॉक्टर जांच के आधार पर उपचार तय करते हैं।
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. शीबा खान ने बताया कि दांतों का एक्सरे केवल दांतों में कीड़ा लगने की जांच के लिए नहीं होता। इससे दांतों की जड़ों में संक्रमण, मसूड़ों के नीचे हड्डी की स्थिति, दांतों के बीच छिपी कैविटी और अंदर दबे या टेढ़े निकल रहे दांतों का पता लगाने में मदद मिलती है। दांत में दर्द का कारण स्पष्ट नहीं होने, जड़ का उपचार करने या दांत निकालने से पहले भी एक्सरे की जरूरत पड़ सकती है। इससे डॉक्टर को दांत और आसपास की हड्डी की स्थिति समझने में मदद मिलती है।
ऐसे काम करती है आरवीजी मशीन
आरवीजी मशीन में एक्सरे लेने के लिए मरीज के मुंह में दांत के पास एक छोटा डिजिटल सेंसर रखा जाता है। एक्सरे लेने पर सेंसर तस्वीर को डिजिटल रूप में कंप्यूटर तक पहुंचाता है। कुछ ही समय में दांत की तस्वीर स्क्रीन पर दिखाई देने लगती है। पारंपरिक एक्सरे की तरह फिल्म तैयार होने का इंतजार नहीं करना पड़ता। डॉक्टर तस्वीर को बड़ा करके दांत और उसकी जड़ों की स्थिति भी देख सकते हैं।
डेंटल लैब भी प्रस्तावित
जिला अस्पताल में डेंटल लैब बनाने की भी योजना है। इसके तहत मरीजों के लिए कृत्रिम दांतों और जबड़े से संबंधित काम की सुविधा विकसित की जानी है, लेकिन बजट के अभाव में काम आगे नहीं बढ़ सका है। चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि आरवीजी मशीन के संबंध में निदेशालय की ओर से जानकारी मांगी गई है। अस्पताल में यह मशीन लगाई जानी है। हालांकि, मशीन लगाने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।