बिन मौसम भारी बारिश के बाद उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में बहने वाली नदियों का जल स्तर दूसरे दिन भी लगातार बढ़ता रहा। मूंढापांडे क्षेत्र में लखनऊ-दिल्ली हाईवे के गनेशघाट पर चार फीट तेज धार में बाढ़ का पानी बहने लगा, जिसे पार करते समय बुधवार भोर में बहराइच डिपो की यात्रियों से भरी एक बस तेज धार के चलते बहने लगी।
बमुश्किल कुछ दूर जाकर खाई के पास चालक उसे रोक पाया। इससे कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। बाद में बस को बैक कर सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया गया। इसके चलते मंगलवार रात दो बजे से बुधवार सुबह सात बजे तक पांच घंटे हाईवे पर वाहनों का संचालन ठप हो गया। इसके चलते हाईवे पर सुबह जाम की स्थिति बन गई। सुबह 10 बजे के बाद भारी वाहन धीरे-धीरे गुजरने शुरू हुए।
वहीं दोपहर दो बजे के बाद छोटे वाहनों का भी संचालन शुरू हो गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं मूंढापांडे क्षेत्र के सिहोराबाजे और भीतखेड़ा के संपर्क मार्ग पर तीन से चार फीट तक बाढ़ का पानी बहने से दोनों गांव टापू बन गए। प्रशासन यहां नाव की व्यवस्था नहीं कर सका है। यहां स्थित कुंडा माता मंदिर पर बंधे छह गोवंशीय पशुओं की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। दूसरी ओर मुरादाबाद में रामगंगा का जल स्तर भी लगातार बढ़ रहा है। नदी यहां खतरा निशान 190.60 से मात्र 90 सेमी दूर रह गई है।