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Moradabad News: सड़कें खराब, नालियां गायब... कूड़ा भी खुले में फेंकते हैं लोग

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मुरादाबाद। लाइनपार में मंडी समिति के पास बसे प्रीतम नगर की बदहाली विकास दावों की पोल खोल रही है। कॉलोनी की मुख्य सड़क तो बना दी गई, लेकिन अंदर की गलियों को अधूरा छोड़ दिया गया। नालियां नहीं होने से घरों का गंदा पानी सड़कों और खाली प्लॉटों में भर रहा है। बरसात होते ही गलियां कीचड़ और जलभराव से लबालब हो जाती हैं। कई मकानों तक गंदा पानी पहुंचने से लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़क और नाली निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। नगर निगम की टीम कई बार निरीक्षण कर चुकी है, मगर हालात जस के तस हैं। लोगों को बताया जाता है कि टेंडर हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य कब शुरू होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। कूड़ा उठाने की व्यवस्था भी पटरी पर नहीं है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम की गाड़ी नियमित नहीं आती। मजबूरी में लोग खाली प्लॉटों और सड़क किनारे कूड़ा डाल देते हैं। इससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैलती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। बारिश के मौसम में हालात और ज्यादा बिगड़ जाते हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। अब क्षेत्रवासी जल्द सड़क, नाली और नियमित सफाई व्यवस्था शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार का कहना है कि लोगों की समस्या की जानकारी लेकर समाधान कराएंगे।
लोगों के कोट्स (फोटो)

मुख्य सड़क बनाकर नगर निगम ने अपना काम पूरा मान लिया, लेकिन गलियों की हालत सबसे खराब है। बारिश में हर तरफ कीचड़ और गंदा पानी भर जाता है। कई बार शिकायत की, मगर हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, काम आज तक शुरू नहीं हुआ। - सीमा
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नालियां नहीं होने से घरों का गंदा पानी बाहर ही जमा रहता है। बरसात में यही पानी घर तक पहुंच जाता है। बच्चों और बुजुर्गों का निकलना मुश्किल हो जाता है। गंदगी से बीमारी फैलने का डर हमेशा बना रहता है। - कांता
नगर निगम की कूड़ा गाड़ी रोज नहीं आती। मजबूरी में लोग खाली प्लॉटों में कूड़ा फेंकते हैं। इससे पूरे मोहल्ले में बदबू रहती है और मच्छरों की भरमार हो गई है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह लचर है। - ऋतिक
नगर निगम के अधिकारी कई बार निरीक्षण करके गए, लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ। हर बार कहा जाता है कि टेंडर हो गया है। आखिर कब तक लोग सिर्फ तारीख और आश्वासन ही सुनते रहेंगे। - गीता
बरसात के दिनों में गली से निकलना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। कीचड़ और जलभराव के कारण दोपहिया वाहन तक फंस जाते हैं। कई लोग फिसलकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं। - लीला देवी
यहां रहते हुए कई साल हो गए लेकिन सड़क, नाली और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रहीं। सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर भी काम दिखाना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके। - प्रीति
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