मुरादाबाद। जिले में सीएमआर डिलीवरी के लिए मिलने वाले बोरों के मामले में राइस मिलर्स ने प्रमुख सचिव को पत्र भेजा है। आरोप लगाया है कि स्थानीय अधिकारियों ने अपनी पसंदीदा मिलों को बोरे अधिक संख्या में दिए हैं। इस मामले में डिप्टी आरएमओ ने आरोपों को निराधार बताया है।
प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एकांश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजा है। आरोप लगाया कि जिले में धान क्रय के दौरान पहले ही दिन से सीएमआर डिलीवरी के लिए इस्तेमाल होने वाले बोरे को डिप्टी आरएमओ, बोरा प्रभारी और ठेकेदार द्वारा मिलीभगत कर अपनी पसंदीदा मिलों को दे रहे हैं। सहकारिता केंद्रों पर सीएमआर डिलीवरी के लिए पैसा जमा होने से बाद भी पिछले माह बोरे नहीं मिल सके। बोरे सभी मिलर्स को खुद किसी ना किसी जगह से अपने खर्चे से उठाने पड़ते हैं। वहीं सीएमआर के बोरे केंद्रों तक पहुंचाने के लिए ठेकेदार भी नियुक्त किए गए हैं। इस बारे में डिप्टी आरएमओ विनीता मिश्रा का कहना है कि उन्होंने 300 बंडल बोरों की मांग की थी लेकिन 175 बंडल मिली है। इनमें से एकांश को 30 बंडल दी गई थी। आरोप निराधार है। अभी 20 जनवरी को बोरों की रैक आएगी तो वितरण पूरा हो जाएगा। बोरों की कमी नहीं आएगी।