पुलिस सूत्रों का मानना है कि बहुत जल्द रिटायर्ड कानूनगो की हत्या के राज से पर्दा उठ सकता है। यह भी संभावना है कि हत्या का राज घर में ही छिपा हो। घर वालों की गतिविधियों पर पुलिस को संदेह है।
कुछ सवालों ने मामले को उलझाया, जैसे-
- दयाराम की अविवाहित बेटी ने फायरिंग की आवाज सुनकर आए पड़ोसियों को क्यों टरका दिया और यह कहा कि उसके पिता जी को दिल का दौरा पड़ा है?
- किसी बड़े या सरकारी अस्पताल में ले जाने के बजाय दयाराम को निजी डाक्टर को क्यों दिखाया?
- इसके बाद आनन-फानन में शव को गांव क्यों ले गए?
- दाहसंस्कार में घर वाले इतनी हड़बड़ी क्यों दिखा रहे थे?
- शव पर कफन डालने के बाद सलहज ने शव से उसे क्यों हटवाया, क्या उसे किसी तरह की आशंका थी?
पुलिस का कहना है कि बहुत जल्द इस हत्याकांड का खुलासा हो सकता है।