मुरादाबाद। मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा फोरलेन मार्ग के निर्माण दूरी और इससे लोगाें को रही दुश्वारियों को शासन ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में शासन ने डीएम से रिपोर्ट मांगी है। मामला शासन तक पहुंचने पर एनएचएआई में हड़कंप मचा हुआ है। एनएचएआई ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा के बीच करीब 50 किमी सड़क को फोरलेन किया जाना है। मई 2024 में इस सड़क का निर्माण शुरू किया गया। लेकिन सालभर में फोरलेन के अलग-अलग हिस्सों में सिर्फ चार किमी सड़क ही बन सकी है। जबकि सड़क निर्माण, मुआवजा और पेड़ाें की कटान पर करीब एक हजार करोड़ करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस फोरलेन का निर्माण 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। लेकिन निर्माण में देरी से लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को धुल गुबार के बीच अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ रही है। लोगों की इस दुश्वारियों को अमर उजाला ने 18 जून के अंक में उजागर किया था। जिसे शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन ने डीएम से मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा फोरलेन निर्माण की रिपोर्ट तलब कर ली है। डीएम अनुज सिंह ने बताया कि मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग के मामले में शासन ने रिपोर्ट मांगी है। ब्यूरो