ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। नारायणपुर छंगा में बृहस्पतिवार को भाजपा नेता के जन्मदिन की पार्टी के दौरान हुए बवाल के मामले में एक और एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर भाजपा नेता अजय प्रताप के समर्थक की ओर से दर्ज की गई। जिसमें अनुसूचित जाति के 13 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। वाहनों में तोड़फोड़, घर में घुसकर हमला और खुद आंबेडकर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर माहौल खराब करने का आरोप लगाया गया है।
भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह के जन्म पार्टी के दौरान बृहस्पतिवार की रात करीब दस बजे नारायणपुर छंगा गांव में जमकर बवाल हुआ था। शुक्रवार को गांव और कोतवाली में राजनीतिक दलों के हंगामा और प्रदर्शन के बाद भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह, उनके भाई अभय प्रताप सिंह समेत 12 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसकी विवेचना सीओ आशीष प्रताप सिंह को सौंपी गई है।
शनिवार को पुलिस ने ठाकुरद्वारा के रमनावाला निवासी मिशरचंद की तहरीर पर एक और रिपोर्ट दर्ज की है। जिसमें बताया गया कि 16 अप्रैल को नारायणपुर छंगा में भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह का जन्मदिन था। जिसमें सुबह रक्तदान का कार्यक्रम था। कार्यक्रम में उसका बेटा मंगेश कुमार भी गया था। रात को भोजन की व्यवस्था की गई थी। रात 10:00 बजे भोजन चल रहा था।
इसी बाहर से आए एक व्यक्ति ने बताया कि कुछ लोग बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। इसकी जानकारी मिलने पर उसका बेटा मंगेश कुमार, सहारनपुर निवासी परवेश कुमार और कनकपुर पीपली निवासी शैलेंद्र कुमार समेत अन्य लोग बाहर आए तो उन्होंने देखा कि कुछ लोग गाड़ियों के शीशे तोड़ रहे थे। पांच गाड़ियां तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दी थीं। उन्होंने गाड़ी तोड़ने का विरोध किया तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
इस दौरान तमंचे से फायरिंग भी की गई। आरोप है कि इसके बाद भाजपा नेता के तहेरे भाई निपेंद्र सिंह के घर में आरोपी घुस आए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए हमलावर ने आंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी। आरोपियों ने एससी-एसटी एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई।
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि नारायणपुर निवासी मलखान सिंह, प्रशांत सिंह, रणवीर सिंह, कोमल सिंह, राम प्रसाद, रूपेश कुमार, ऋषिपाल सिंह, राम सिंह, मोहन राज, प्रकाश वीर पबनेश, उदयवीर सिंह, रविंद्र सिंह और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इस मामले में अब तक दो प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं। दोनों प्राथमिकी की विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।