मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में फर्जी फर्म बनाकर 989 करोड़ की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह के सरगना आरोपी भगवान सिंह उर्फ भूरा प्रधान की जमानत अर्जी जिला जज की अदालत से खारिज हो गई। आरोपी भूरा प्रधान 26 मार्च से जेल में बंद है।
मुरादाबाद में 24 अक्तूबर 2025 को लोहे के स्क्रैप से लदे दो ट्रक मुजफ्फरनगर जाते समय जीएसटी टीम ने उमरी चौराहे पर पकड़े थे। जांच में जीएसटी चोरी की बात सामने आई थी। इस मामले में सिविल लाइंस थाने में फर्म एके इंटरप्राइजेज और मुनि जी ट्रांसपोर्ट केआर फोकल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। एसएसपी सतपाल अंतिल के आदेश पर इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है।
एसआईटी ने 26 मार्च 2026 को मथुरा के कोसी कला थाना क्षेत्र के हयाना भगवान सिंह उर्फ भूरा प्रधान और हरदोई के कटियामऊ बालामऊ संडीला निवासी रविंद्र को गिरफ्तार किया था। एसआईटी ने दावा किया था कि आरोपी भगवान सिंह ने कबूला है कि वह उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, झारखंड राज्यों में स्क्रैप की गाड़ियों को मुजफ्फरनगर और पंजाब तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लेता था।
बिल्टी व इसके बिल अपने ऑफिस में रविंद्र से तैयार कराता था। पुलिस की जांच में यह भी बात सामने आई थी कि आरोपी ने 33 फर्जी फर्म बनाईं। इसके बाद दोनों आरोपी कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिए गए थे। आरोपी भगवान सिंह उर्फ भूरा ने अपने अधिवक्ता के जरिये जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था।
जिला जज सैयद मऊज बिन आसिम की अदालत में आरोपी के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद भगवान सिंह उर्फ भूरा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।