कुछ वर्षों से थाने, चौकी, सरकारी कार्यालयों, प्राइवेट वाहन, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग इंस्टीट्यूट और घरों में सीसीटीवी कैमरे तेजी से लगवाए जा रहे हैं। इन कैमरों के लगने से सुरक्षा के लिहाज से बहुत राहत मिली है। सरकारी और प्राइवेट कार्यालय में चोरों के अलावा कर्मचारी भी चोरी करते हुए पकड़े गए हैं। घटनाओं के खुलासे में इन कैमरों से पुलिस को बहुत मदद मिली है लेकिन इन कैमरों की वजह से घरों में विवाद भी हुए हैं।
नारी उत्थान केंद्र में दहेज उत्पीड़न के मामलों में पति-पत्नी के बीच काउंसिलिंग कराई गई। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद सामने आया है कि दहेज उत्पीड़न का कोई मामला ही नहीं था। पति की गैर मौजूदगी में अनजान व्यक्ति घर के पास देखा गया तो पति ने कैमरों की फुटेज खंगाली। जिससे पता चला कि एक युवक कई बार यहां देखा गया है। इन संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद मारपीट हुई।
एक मामले में सामने आया कि महिला मायके गई तो उसके घर में किसी अनजान महिला ने दस्तक दे दी। मायके से लौटने के बाद पत्नी ने पति से पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसी बात को लेकर कहासुनी हुई और महिला ने अपने मायके वालों को बुला लिया। दोनों पक्षों की पंचायत होने के बाद भी मामला शांत नहीं हो पाया। नारी उत्थान केंद्र में पति ने अपनी गलती मानी। इसके बाद दोनों साथ रहने को तैयार हो गए। इसी तरह के कई और मामले सामने आ चुके हैं।