फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: रावण का पुतला जला, श्रीराम के जयकारे गूंजे

विज्ञापन
फोटो 14, 15 ठाकुरद्वारा नगर के दशहरा मेला में राम रावण के बीच युद्ध का दृश्य संवाद
विज्ञापन
ठाकुरद्वारा। नगर में कमालपुरी रोड पर भबालपुरा के बाग में दशहरा का मेला लगा। जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने बुराई के प्रतीक का अंत रावण के पुतले को जलते हुए देखा। रामलीला का संक्षिप्त मंचन कर कलाकारों ने लोगों से असत्य का रास्ता छोड़कर सत्य के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। मेले में नगर के रामलीला मैदान से रामलीला के विभिन्न पात्रों को जुलूस के रूप में धार्मिक नारेबाजी करते हुए ले जाया गया। जुलूस मेला स्थल पर पहुंचा। जहां पर कलाकारों ने रामलीला का संक्षिप्त मंचन किया। रावण छल से माता सीता का हरण कर ले जाता है। श्री राम अपने दूत हनुमान और अंगद को रावण से वार्ता करने के लिए भेजते हैं लेकिन वह अपने घमंड में चूर होने के कारण सीता को वापस करने का प्रस्ताव ठुकरा देता है। इस पर श्री राम, लक्षमण, हनुमान जी और रावण की सेना में भयंकर युद्ध होता है। पहले मेघनाथ, कुंभकर्ण और अहिरावण युद्ध में मारे जाते हैं। फिर रावण स्वयं अपनी सेना लेकर श्री राम से युद्ध करने के लिए आता है। दोनों के बीच भयंकर युद्ध होता है। अंत में विजय सत्य की होती है। भगवान श्री राम अपने बाण से रावण के सिर काटकर नाभि में तीर मारकर उसका अंत कर देते हैं। रावण का अंत होते ही उसका पुतला जलने लगता है। रावण का वध होते ही कार्यक्रम स्थल पर भगवान श्रीराम के जयकारे गूंजे लगते हैं। रामलीला की कमेंट्री अभय शर्मा ने की। इस दौरान रामलीला कमेटी के प्रबंधक अवनीश शर्मा, संरक्षक दिनेश कुमार पूठिया, कमलेश कुमार अग्रवाल, रवि जौहरी, भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार पाल, शरद पूठिया, अमित व्यास आदि मौजूद रहे ।
विज्ञापन

पुलिस ने ड्रोन उड़कर की मेले की सुरक्षा
ठाकुरद्वारा। नगर में लगे दशहरा मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। मेला स्थल की सुरक्षा पूरे समय पुलिस ड्रोन से करती रही। भारी संख्या में मेला स्थल पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। कमालपरी डिलारी मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। मेला स्थल तक जाने वाले सड़क की वेरीकेटिंग की गई थी। दोनों तरफ दो बैरियर बनाए गए थे। सिर्फ दो पहिया वाहनों को जाने दिया। उन्हें भी मेले से पहले रोक दिया गया।

मेले में जमकर हुई खरीदारी लिया, बच्चों ने खरीदी गदा और धनुष
ठाकुरद्वारा। नगर में लगे दशहरा मेले में लोगों ने परिवारों के साथ पहुंचकर खेल तमाशों, झूले आदि का जमकर लुत्फ उठाया। घरेलू सामग्री और दीपावली के लिए धार्मिक कैलेंडर आदि की खरीदारी की। बच्चों ने चांट पकौड़ी भी खाई। उन्होंने मेले में हनुमान जी की गदा और राम का धनुष , तलवार भी खरीदे।
विज्ञापन

मेले में दिखाई दी ग्रामीण संस्कृति की झलक, जमकर खरीदें मिट्टी के बने बर्तन
ठाकुरद्वारा। दशहरा मेले में ग्रामीण संस्कृति और पुरानी परंपरा के भी दर्शन हुए। मेले में लोगों ने मिट्टी के बने बर्तनों की जमकर खरीदारी की। एक और जहां वर्तमान में मिट्टी के वर्तन का प्रचलन लगभग बंद हो चुका है। तरह तरह के स्टील, पीतल और अन्य धातु के बने बर्तनों का प्रयोग बढ़ रहा है। वही मेले में देखने मिला कि अभी भी लोग अपनी पुरानी परंपरा पर कायम है। उन्होंने खाना बनाने और अन्य कार्य में प्रयोग होने वाले मिट्टी के बर्तन खरीदे।
विज्ञापन

फोटो 12, 13 ठाकुरद्वारा नगर में लगे दशहरा मेले में जलता रावण का पुतला
फोटो 14, 15 ठाकुरद्वारा नगर के दशहरा मेला में राम रावण के बीच युद्ध का दृश्य
16 ठाकुरद्वारा नगर के दशहरा मेले में जलने से पहले खड़ा रावण का पुतला
17 ठाकुरद्वारा नगर में दशहरा मेले में मेले का दृश्य संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें