मुरादाबाद। नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के आरोपी को अदालत ने दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 51 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। दोषी से वसूली जाने वाली राशि में से 25 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।
छजलैट थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने 16 जून 2021 को थाने में केस दर्ज कराया था। महिला ने बताया था कि उसकी 17 वर्षीय बेटी घर से कपड़े व मोबाइल फोन लेकर बुआ के घर जाने को निकली थी लेकिन रास्ते से गायब हो गई। छजलैट पुलिस ने किशोरी की गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। एक सप्ताह बाद पुलिस ने किशोरी को बस अड्डे के पास से एक युवक के साथ बरामद किया था। किशोरी ने पुलिस को बयान दिया था कि वह अपने घर से नाराज हो कर बुआ के घर बिजनौर जाने के लिए निकली थी। वह बस अड्डे पर पहुंची, तो वहां उसे पुलिस कर्मी मिले। पुलिस कर्मियों ने उससे अकेले यात्रा करने के बारे में पूछा तो उसने सारी बात पुलिसकर्मियों को बता दी थी। तब पुलिसकर्मियों ने उसे घर लौटने की बात समझा कर कांठ की बस में बैठाकर वापस भेज दिया था। कांठ बस अड्डे पर ई रिक्शा चालक आया और उसे बैठाकर अपने गांव सिरसा ठाठ ले गया। अपने घर में रिक्शा चालक ने उसे सात आठ दिन रखा और उससे दुष्कर्म किया। रिक्शा चालक का नाम कृष्ण अवतार उर्फ राहुल है। किशोरी ने बताया कि कृष्ण अवतार उसे किसी महिला के पास लेकर जाने के लिए बस अड्डे लाया था, तब ही पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। इस मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या प्रथम डॉक्टर केशव गोयल की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक मनोज वर्मा और मनोज गुप्ता ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कृष्ण अवतार उर्फ राहुल को घटना का दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा और 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि से 25 हजार रुपये पीड़ित को दिए जाएंगे।