फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिस्ट्रीशीटर को किशोरी से दुष्कर्म में दस साल की कैद

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। बिलारी के छह साल पुराने किशोरी से दुष्कर्म मामले में अदालत ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद और तीस हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। दोषी अपने क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर भी रहा है।
विज्ञापन

बिलारी थाने में वर्ष 2015 में पीड़ित किशोरी के पिता ने रामजीमल निवासी धमपुर कलां थाना बिलारी के खिलाफ दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी देना और पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कराया था। जिसमें पिता ने बताया कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री को क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर रामजीमल अपने साथ जबरन ले गया। उस वक्त किशोरी बाजार से अपने घर लौट रही थी। रास्ते में आरोपी मिल गया था। इसके बाद आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। बिलारी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके अलावा केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
इस मामले को पॉक्सो स्पेशल कोर्ट संख्या- 2 अभिनव कुमार मिश्रा की अदालत में सुना गया। जिसमें बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी निर्दोष है। कोई ऐसा गवाह वादी की ओर से पेश नहीं किया गया जो आरोप साबित कर सके। सिर्फ गांव की राजनीति के कारण झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एम पी सिंह ने बचाव पक्ष का विरोध करते हुए कहा कि घटना के समय पीड़ित नाबालिग थी। उसने अदालत में अपने बयानों में साफ साफ बयान आरोपी के खिलाफ दिए हैं। विवेचक की ओर से जो सबूत अदालत में पेश किए गए हैं उनसे घटना की पुष्टि होती है। आरोपी एक हिस्ट्रीशीटर है जिससे ग्राम वासी भी डरते हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर आरोपी रामजीमल को दुष्कर्म की घटना का दोषी पाया। अदालत ने दोषी को दस वर्ष के कठोर कारावास के साथ ही तीस हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माना जमा न करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें