डकैती के दौरान विवाहिता
से बलात्कार कर उसे मौत के घाट उतारने के आरोपी को दोषी करार देते हुए
अदालत ने उम्रकैद और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मुकदमे के
बाकी चार आरोपियों को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। सजा
सुनाए जाने के बाद अदालत ने मुजरिम को अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
घटना
संभल जिले के हयातनगर थाना क्षेत्र की है। एक अप्रैल 2009 को एक व्यक्ति
के घर लुटेरों ने धावा बोला और लूटपाट की। लुटेरों ने विरोध पर परिजनों को
बुरी तरह पीटा। इस बीच लुटेरे गृहस्वामी के छोटे भाई की पत्नी को कमरे में
घसीटकर ले गए और उसके साथ बलात्कार किया। महिला के विरोध करने पर लुटेरों
ने उसे मार डाला।
इस मामले में पुलिस ने हयातनगर के ही तस्लीम, सालिम और
राजकुमार निवासी इस्लामनगर बदायूं, उस्मान, तौफीक निवासी गांव मई चंदौसी के
खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई एडीजे / एफटीसी सेकेंड
मनोज कुमार अग्रवाल की अदालत में हुई।
अभियोजन पक्ष एडीजीसी विनोद कुमार
सिंह ने रखा। मुकदमे की सुनवाई के बाद अदालत ने अभियुक्त तस्लीम को लूट,
बलात्कार और हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 35 हजार रुपये
जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि बाकी चार अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया।