मुरादाबाद। लगातार चार दिन से हो रही भारी बारिश के चलते रामगंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। वहीं, दो गांवों तक पानी भी पहुंच गया है। इसकी वजह से जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही ग्रामीणों को भी सतर्क रहने का आह्वान किया है।
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसकी वजह से रामगंगा का जलस्तर बढ़ गया है। मंगलवार रात कटघर रेलवे स्टेशन के पास रामगंगा का जलस्तर 189.560 मीटर पहुंच गया था, जो बुधवार सुबह बढ़कर 189.800 मीटर दर्ज किया गया। रामगंगा में चेतावनी स्तर 190.600 मीटर है। खो नदी खो बैराज पर खतरने के निशान से .85 मीटर ऊपर बह रही है। अधिकारियों के अनुसार यह रामगंगा की सहायक नदी है। वहीं गांगन नदी अभी खतरे के निशान से 3.08 मीटर नीचे है। एडीएम वित्त ममता मालवीय ने कहा कि नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन अभी चिंता की बात नहीं है। लोगों से अपील है कि बच्चों को पानी के नजदीक न जाने दें।
नदी के तेज बहाव से कटी सड़क...फोटो मूंढापांडे
मूंढापांडे के गांव बिकनपुर में बने रामगंगा के पुल के पास सड़क नदी के तेज बहाव से कट कर बह गई। इस गांव की आबादी करीब 1900 है। इसकी वजह से आवागमन बंद हैं। इस सड़क के कटने से गांव गतौरा, लोदीपुर वासु,दौलतपुर, गोविंदपुर कलां, रसूलपुर नगली, लालटीकर, रौंडा आदि के ग्रामीणों को करीब दस किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर मुरादाबाद आना पड़ेगा। प्रधान रामकिशोर लोधी और चंद्रप्रकाश लोधी ने बताया कि रुड़की से आई टीम ने पुल का सर्वे किया था। आपदा विशेषज्ञ प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि संबंधित तहसील से रिपोर्ट मांग ली गई है। पानी से निपटने की सभी तैयारी कर ली हैं। तहसील स्तर के अलावा जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है।
इन गांवों में पहुंचा पानी
इस्लामनगर चौराहे के पास गांव काफियाबाद में बाढ़ का पानी गांव के रास्ते तक पहुंच गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत मोहब्बतपुर भगवंतपुर के राममूर्ति मझरे और मिलक मोहब्बतपुर रोड पर पानी पहुंच गया है। खईया खद्दर रोड पर पानी चल रहा है। अक्का भीकनपुर रोड से इस्लाम नगर रोड पर पानी चल रहा है। इसकी वजह से गांव का संपर्क कट गया है। आवागमन बंद हैं।
वर्जन...
प्रभावित स्थानों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सभी लोग सजग और जागरूक रहें। इसके अलावा सचेत एप डाउनलोड कर लें, ताकि मौसम और आकाशीय बिजली से बचाव की जानकारी मिल सके।
अनुज सिंह, डीएम