मुरादाबाद। शहर में लगातार हो रही बारिश ने निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि खुद मेयर विनोद अग्रवाल के प्रभात मार्केट स्थित आवास के सामने भी अत्याधिक जलभराव हो गया है। क्षेत्रीय पार्षद विवेक शर्मा का कहना है कि नाले की सफाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई गई हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद न तो सफाई हुई और न ही जल निकासी के इंतजाम किए गए। हल्की बारिश में ये हाल हैं तो अधिक बारिश में क्या होगा।
शहर के मुखिया मेयर के घर के बाहर पानी भरा होना लोगों के लिए हैरानी का सबब तो था ही साथ ही इसने सवाल खड़ा कर दिया कि जब नगर प्रमुख खुद अपने घर के आगे पानी से जूझ रहे हैं तो आम नागरिकों की दुश्वारियों की कल्पना ही कितनी भयावह होगी। शहर में मंगलवार की रात हुई बारिश के बाद सुबह कई मोहल्ले जलमग्न नजर आए। भोलानाथ कॉलोनी, विकास नगर, रामगंगा विहार, लालबाग, पीरगैब, मुगलपुरा जैसे इलाकों में हालत बद से बदतर हो गए। कहीं नाव चलती नजर आई तो कहीं बच्चे और बुजुर्गाें का घर से निकलना मुश्किल हो गया
भोलानाथ कॉलोनी के रहने वाले आनंद, स्वरोज, निर्मल और हुकुमलाल चौधरी ने आरोप लगाया कि निगम इस क्षेत्र को अवैध बताकर पल्ला झाड़ लेता है लेकिन समस्या का समाधान नहीं करता। पिछले साल भी यहां नाव चली थी। इस बार हालात और भी गंभीर हैं। यहां चार से पांच फीट तक पानी भरा हुआ है। कई घर के लोग ऊपरी मंजिल पर रहने लगे हैं। नीचे के हिस्से में पानी भरा हुआ है।
पुराने शहर के अधिकतर मोहल्ले में जलभराव की समस्या से लोग जूझते नजर आए। दूसरी ओर लाइनपार और योजनाबद्ध तरीके से बसाई गई कॉलोनियों में भी भारी जलभराव हुआ। लाइनपार के दर्जन भर मोहल्ले में पानी लबालब भरा है। लोग सड़क पार करने से भी कतराते नजर आए। दिल्ली रोड पर बुद्धि विहार व आवास विकास की कई सड़कें भी पानी से डूबी नजर आईं। सोनकपुर स्टेडियम के पास भी पानी भर गया जिससे खिलाड़ियों को स्टेडियम पहुंचने में मुश्किल हुईं।
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नहीं हो सकी जलनिकासी
कई मोहल्ले में नगर निगम की टीम मडपंप की मदद से पानी की निकासी करती है। लेकिन बुधवार को मुख्यमंत्री के शहर में रहते हुए प्रमुख मार्गों से पानी को हटाया गया। इससे न तो मडपंप खाली मिला और न ही कर्मचारी। इससे पानी को बाहर निकालने और जलभराव को खत्म करने का काम प्रभावित हुआ।