रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री
- फोटो : अमर उजाला
ठोस वैकल्पिक व्यवस्था न होने का खामियाजा बुधवार को भी यात्रियों को भुगतना पड़ा। यात्रियों से मुरादाबाद डिपो तक किराया लिया गया और उन्हें आठ किमी पीछे जीरो प्वाइंट पर ही उतार दिया गया। ऑटो चालकों ने शहर के अंदर तक जाने के लिए मनमाना किराया वसूला, तमाम यात्रियों को पैदल चलना पड़ा।
प्राइवेट बसें बिना रोकटोक शहर के भीतर आवागमन करती रहीं। अमरोहा, गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़, मेरठ, गाजियाबाद, राजस्थान, हरियाणा, लखनऊ, बरेली से आने वाली सभी बसों को एमडीए कार्यालय के सामने अस्थायी बस अड्डे पर ही रुकना पड़ा। प्रशासन व यातायात पुलिस द्वारा जल्दबाजी में जारी किए आदेशों के कारण अस्थायी बस अड्डे पर शौचालय व पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं हो पाई है। यात्रियों व स्टाफ के बैठने के लिए भी कोई इंतजाम नहीं हैं।
रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री
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रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री
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कुंभ की तरह बनाया जाए पांटून पुल
रामगंगा पुल बंद होने पर ज्यादा वैकल्पिक मार्ग न होने के कारण जामा मस्जिद पुल पर छोटे वाहनों का बड़ा दबाव बढ़ गया है। इस पुल पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए महाकुंभ की तरह रामगंगा पुल के बराबर में पांटून पुल बनाया जा सकता है। रामगंगा पुल के पास से नीचे जाने वाला रास्ता कटघर रेलवे स्टेशन के सामने से होते हुए गुलाबबाड़ी फाटक मार्ग से प्रभात मार्केट पर निकलता है। रामगंगा पुल के पास पांटून पुल बनाया जाए तो इस रास्ते से रेलवे स्टेशन रोड पर छोटे वाहन निकाले जा सकते हैं।
रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री
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पांटून पुल को दूसरे ओर डियर पार्क के पास काशीपुर तिराहे से जोड़ा जा सकता है। इस समय रामगंगा नदी में पानी कम है। 30 से 40 मीटर की दूरी में ही पानी चल रहा है। इसके चलते सीमेंट के बड़े-बड़े पाइप डालकर भी अस्थायी पुल का निर्माण कराया जा सकता है। इससे पैदल, दोपहिया और छोटे वाहन निकाले जा सकते हैं। कई संगठन और व्यापारी भी पुलिस प्रशासन को पांटून पुल बनाने का सुझाव दे सके हैं।
रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री
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टीपी नगर से संचालित होना था अस्थायी बस अड्डा एमडीए के अचानक मना करने से बिगड़ गई बात पहले टीपी नगर के अस्थायी बस अड्डे से संचालन की योजना थी। एमडीए के मना करने से अचानक प्रशासन को फैसला लेना पड़ा। बैठक में हमने पक्ष रखा था कि दिल्ली, मेरठ की बसों को अंदर आने दिया जाए लेकिन गागन पुल कमजोर होने का हवाला देते हुए, नया मुरादाबाद से ही संचालन के आदेश हुए। - ममता सिंह, आरएम, परिवहन निगम मुरादाबाद