रामपुर रेल हादसे में सीनियर डीएमई सहित पांच रेल अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए। अधिकारियों ने दर्ज कराए बयान में कहा है कि राज्यरानी एक्सप्रेस के कोच में कोई खराबी नहीं थी। पटरी में छेड़छाड़ की गई थी।
जिस वजह से हादसा हुआ। पंद्रह से में दस अधिकारियों के बयान हो चुके हैं। बाकी बचे पांच अधिकारियों को शनिवार को बुलाया गया है। पंद्रह अप्रैैैल की सुबह रामपुर में बेपटरी हुई राज्यरानी एक्सप्रेस के मामले में जीआरपी ने रेल अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराया था।
इसके बाद पंद्रह अधिकारियों को नोटिस देकर बयान के लिए एसपी रेल कार्यालय में बुलाया गया था। गुरुवार को सीनियर डीएसओ मुरादाबाद, एडीईएन बरेली, असिस्टेंट लोको पायलट, लोको पायलट, टीईटी के बयान हुए।
वहीं शुक्रवार को सीनियर डीएमई (सी एंड डब्ल्यू) आरके कौशिक, सीनियर डिवीजन इंजीनियर-3 दीपक सिंह, सीनियर डिवीजन इंजीनियर-2 अनुराग कुमार, सीनियर डीएमई (ओ एंड एफ) जितेंद्र कुमार, डीएमई वीएम सिद्दीकी, पीडब्ल्यूवाई आरके शर्मा और बयान देने एसपी रेल कार्यालय पहुंचे।
जहां हादसे की जांच कर रहे सीओ जीआरपी गाजियाबाद रनवीर सिंह ने तीनों के बयान दर्ज किए। बयान में राज्यरानी एक्सप्रेस के कोच में खराबी की बात सामने नहीं आई है। एक अन्य अधिकारी ने ने अपने बयान में कहा कि पटरी छेड़छाड़ की वजह से टूटी थी।
तीन अधिकारियों के बयान दर्ज कर लिए। एसपी रेल शगुन गौतम ने बताया कि दो दिन में दस अधिकारियों के बयान हो चुके हैं। बाकी बचे अधिकारियों को शनिवार को बुलाया गया है।