देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) की जिम्मेदारी सुशील चंद्रा के स्थान पर राजीव कुमार को मिलना तय हो गया है। मुरादाबाद के लिए यह सुखद संयोग है कि दोनों आला अफसर इसी (मुरादाबाद) मंडल के मूल निवासी हैं।
नए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार मूल रूप से अमरोहा जनपद के हसनपुर के रहने वाले हैं। सुशील चंद्रा का मूल निवास संभल जिले के चंदौसी में है। ये भी संयोग है कि दोनों की ससुराल मुरादाबाद में है।
हसनपुर में मोहल्ला महल निवासी अधिवक्ता विश्वेश्वर दयाल अग्रवाल के बेटे राजीव कुमार ने वर्ष 1974 में हाईस्कूल और वर्ष 1976 में इंटर की परीक्षा नगर के सुखदेवी इंटर कॉलेज से पास की थी। उनके तहेरे भाई महेशचंद्र अग्रवाल के बेटे अधिवक्ता शुभम अग्रवाल ने बताया कि इंटर के बाद राजीव कुमार ने मुरादाबाद के हिंदू कॉलेज से बीएससी की डिग्री ली। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी में एलएलबी में दाखिला लेने के साथ सिविल सेवा की तैयारी की। वर्ष 1982 में पहले ही प्रयास में उनका चयन आईआरएस और अगले वर्ष 1983 में आईपीएस के लिए हो गया था लेकिन उन्होंने ज्वाइनिंग नहीं की। वर्ष 1984 में आईएएस के रूप में चयन पर सिविल सेवा के कार्यकाल की शुरुआत की। विभिन्न पदों का अनुभव लेते हुए वह 22 अगस्त 2020 को देश के चुनाव आयुक्त के पद पर आसीन हुए। अब उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त बनाने का निर्णय लिया गया है।
दूसरी ओर मुख्य चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी से अलग हो रहे सुशील चंद्रा संभल जनपद के चंदौसी नगर के मूल निवासी हैं। चंदौसी के एसएम इंटर कॉलेज में भौतिक शास्त्र के प्रवक्ता रहे विद्यासागर गुप्त के पुत्र सुशील चंद्रा ने अपनी सारी पढ़ाई चंदौसी के शिक्षण संस्थानों में ही पूरी की थी। सिविल सेवा की तैयारी के दौरान वह आईआरएस के लिए चयनित हुए थे। विभिन्न पदों का अनुभव लेते हुए सुशील चंद्रा सेंट्रल बोर्ड आफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) के चेयरपर्सन रहे। बाद में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त जैसी अहम जिम्मेदारी संभाली।
राजीव कुमार को देश का मुख्य चुनाव आयुक्त बनाए जाने की तैयारी की जानकारी ने बृहस्पतिवार को हसनपुर का माहौल बदल दिया। नगर में रह रहे उनके ताऊ के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर परिजनों ने खुशी का इजहार किया। नगर ही नहीं, आसपास क्षेत्र के लोग भी इसे उपलब्धि के रूप में लेते हुए गर्व महसूस कर रहे हैं।
हसनपुर नगर के मोहल्ला महल में उनका पुश्तैनी घर है। हसनपुर में उनके तहेरे भाई ईश्वरचंद्र अग्रवाल और महेशचंद्र अग्रवाल का परिवार रहता है। दोनों की खाद की दुकान है। राजीव कुमार के तहेरे भाई महेशचंद्र अग्रवाल के बेटे अधिवक्ता शुभम अग्रवाल ने बताया कि राजीव कुमार के पिता विश्वेश्वर दयाल अग्रवाल अब दिल्ली में ही उनके साथ रहते हैं। राजीव कुमार की मां संतोष अग्रवाल का तीन वर्ष पूर्व देहांत हो चुका है। इसके चलते अब कभी-कभी उनका हसनपुर आना होता है।
राजीव कुमार के तहेरे भाई महेशचंद्र अग्रवाल के बेटे अधिवक्ता शुभम अग्रवाल ने बताया कि आईएएस बनने के बाद राजीव कुमार को पहली तैनाती बिहार के देवघर में एसडीएम के पद पर मिली थी। बाद के वर्षों में वह तीन वर्ष रांची के डीएम (डीसी) रहे थे। चारा घोटाला में जांच अधिकारी भी रहे थे। बिहार में तैनाती के दौरान आदिवासियों के हित में कई महत्वपूर्ण काम करने पर उन्हें सम्मानित भी किया गया था। शुभम अग्रवाल ने बताया कि चाचा राजीव कुमार के एक दामाद आईएएस हैं, जबकि दूसरे दामाद आईपीएस हैं। संवाद