मुरादाबाद। डीआरएम कार्यालय के पास तीन मंजिला इमारत में रेलवे के नए कंट्रोल रूम का निर्माण पूरा हो गया है। जल्द ही यहां कंट्रोल संबंधित अधिकारी व कर्मचारी बैठने लगेंगे। इसके निर्माण में 15 करोड़ रुपये की लागत आई है। रेलवे का दावा है कि यहां से बैठकर रेलकर्मी उत्तराखंड तक निगरानी कर सकेंगे। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट में बन रहे नए स्टेशनों व सुरंगों के भीतर ट्रेनों की सुरक्षा देखी जा सकेगी।
2026 में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। इसके बाद चार धाम की यात्रा ट्रेन से हो सकेगी। वहीं मुरादाबाद में बना यह कंट्रोल रूम यात्री सुविधा के अलावा सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा। भारत-चीन सीमा तक सेना का साजो-सामान सुरक्षित पहुंचे इसके लिए मुरादाबाद से निगरानी की जा सकेगी। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट का 125 किमी हिस्सा मुरादाबाद रेल मंडल में आ रहा है। इसमें से 105 किमी में सिर्फ 17 सुरंगें हैं।
कंट्रोल रूम के जरिये सुरंगों की निगरानी बहुत आसानी से हो सकेगी। इस प्रोजेक्ट के तहत गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ को रेल लाइन से जोड़ा जा रहा है। उत्तराखंड में निर्माणाधीन यह रेल लाइन भारत-चीन सीमा से काफी नजदीक है। रेल विकास निगम लिमिटेड के सर्वे के अनुसार उत्तराखंड की करीब 345 किमी की सीमा चीन से सीधे मिलती है। इसमें से 122 किमी. उत्तरकाशी और 88 किमी सीमा चमोली जिले से सटती है।
चमोली की नीति घाटी से सटी सीमा बेहद संवेदनशील मानी जाती है। यहां बाड़ाहोती क्षेत्र में 2014 से 2018 के बीच चीन कई बार घुसपैठ की कोशिश कर चुका है। इस दुर्गम क्षेत्र में सेना को अपना सामान ले जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इससे समय भी अधिक लगता है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद सेना का सामान पूरी सुरक्षा से और बेहद कम समय में सीमा तक पहुंचाया जा सकेगा। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि जल्द ही कंट्रोल रूम में संबंधित अधिकारी व कर्मचारी बैठना शुरू करेंगे।