राज्यरानी एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के हादसे के बाद घंटों तक मौके पर अफरा-तफरी मची रही। इस सबके बीच बचाव से लेकर मौके तक पहुंचने में रेलवे अफसर और सिस्टम फेल साबित हुआ। एक्सप्रेस ट्रेन के बेपटरी होने की सूचना के बाद डीआरएम को ही मुरादाबाद से रामपुर तक पहुंचने में डेढ़ घंटे से अधिक का समय लग गया।
तो वहीं रिलीफ टीम से लेकर रेलवे के चिकित्सकों की टीम भी घंटों बाद मौके पर पहुंची। राज्यरानी एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के बाद सीआरपीएफ, स्थानीय लोग व संगठनों के साथ सरकारी अमला तो बचाव व राहत के लिए जल्दी सक्रिय हो गया लेकिन, रेलवे के आला अफसरों को मौके पर पहुंचने में समय लग गया।
खुद डीआरएम करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंचे तो पहली रिलीफ ट्रेन भी करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंची। इसके बाद दोपहर में मरम्मत कार्य के लिए एक एआरटी रोजा से आई। जब सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया। उसके बाद रेलवे की मेडिकल टीम पहुंची।
ट्रेन के पटरी से उतरने के बाद जिन यात्रियों को चोट नहीं आई उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज बसों का सहारा लिया गया। दोपहर में एक ट्रेन यात्रियों को लेने पहुंची लेकिन, उस समय तक सभी यात्री बसों व अन्य साधनों से निकल चुके थे।