शताब्दी एक्सप्रेस (12039) में सोमवार को एसी टेक्निशियन और वेंडरों के बीच मारपीट हो गई। मारपीट की शिकायत मिलने पर ट्रेन में चल रहे जीआरपी स्क्वाड ने दोनों पक्षों को पकड़ लिया। सभी को मुरादाबाद जीआरपी के हवाले कर दिया गया।
थाना में बंद होने की सूचना मिलने के बाद यूनियन के नेता समझौता कराने के लिए पहुंच गए। पेंट्री कार मैनेजर ने आरोप लगाया कि दोनों ने शराब पी रखी थी और वेंडरों से खाना नहीं देने पर झगड़ा किया।
सोमवार को काठगोदाम से चलकर दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस में झगड़े और स्टाफ के शराब पीने की शिकायत मिली थी। मुरादाबाद पहुंचने पर ट्रेन का जीआरपी स्क्वाड दो रेल कर्मचारियों और वेंडरों को लेकर थाना पहुंचे। बताया गया कि ट्रेन के एसी टेक्निशियन प्रदीप कुमार और वीके बजाज ने पेंट्री कार में जाकर चाय पीने के बाद खाने भी मांगा।
चाय के अलावा खाना नहीं दिए जाने को लेकर वेंडर के साथ नोकझोंक हो गई। बहस बढ़ने पर वेंडर की पिटाई कर दी। पेंट्री कार मैनेजर आया तो उसके साथ उलझ गए और उसके साथ भी हाथापाई। वेंडरों ने ट्रेन में चल रहे जीआरपी स्क्वाड को बुला लिया। स्क्वाड ने उन्हें मुरादाबाद जीआरपी के हवाले कर दिया।
जीआरपी में बंद होने पर यूनियन के नेता भी पहुंच गए और दोनों पक्षों में समझौता कर दिया गया। दोनों ओर से लिखित में शिकायत नहीं मिलने पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। वहीं रेलवे अधिकारियों ने इस मामले की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है।