कांग्रेस के किसान मांग रथों में की गयी तोड़फोड़।
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कांग्रेस की प्रचार सामग्री लेकर मुरादाबाद आए किसान मांग रथों में तोड़फोड़ की गई। इन वाहनों पर लगे बैनर और पोस्टर फाड़ दिए गए। इतना नहीं शीशे भी तोड़े गए। विरोध करने पर ड्राइवर के साथ मारपीट की। ये सभी वाहन बुधवार को रामपुर में होने वाले राहुल गांधी के प्रोग्राम में जाने थे। लेकिन तोड़फोड़ होने के बाद इन्हें वहां नहीं भेजा गया।
कांग्रेस के प्रचार की कमान प्रशांत किशोर की टीम संभाल रही है। पीके ने विधानसभा चुनाव 2017 में प्रत्याशियों के लिए चयन के लिए कड़ी शर्तें लगा दी हैं। टिकट के लिए दावेदारी करने वालों को अपने क्षेत्र में किसानों के घर घर जाकर मिलने के साथ ही उनसे मांग पत्र भी भरवाने हैं।
इन मांग पत्रों को प्रत्याशियों तक पहुंचाने के लिए किसान मांग पत्र नाम रथ तैयार किए गए हैं। मांग पत्र लेकर दो रथ तीन दिन पहले मुरादाबाद में खड़े हो गए थे। तीन रथ मंगलवार को पहुंच गए थे। बुधवार इन रथों को राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होना था। रात में इन सभी गाड़ियों को जेल परिसर में बने क्वार्टरों के नजदीक खाली पड़ी जगह में खड़े कर दिए गए।
बुधवार को सुबह सात बजे ड्राइवर जब गाड़ियाें को लेने पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। प्रचार गाड़ियों पर लगे पोस्टर फटे हुए थे। दो गाड़ियों के शीशे भी टूट थे। ड्राइवरों ने आसपास के लोगों से पूछताछ की तो वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ अभद्रता की। उन्होंने अपनी पीके की टीम की लीडर निदा को फोन पर सूचना दी। वह भी वहां पहुंच गईं।
कुछ युवक उनके साथ भी बदसलूकी पर उतर आए। ड्राइवराें ने जब विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद कांग्रेसी नेता और पुलिस भी पहुंच गई। नेताओं ने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस की सुस्ती को देखकर भड़के कांग्रेस नेताओं ने थाना सिविल लाइंस के बाहर नारेबाजी भी की।
जिलाध्यक्ष डा. एपी सिंह ने बताया कि कांग्रेस के बढ़ते जनाधार से विपक्षी पार्टियां बौखला गई हैं। जिसके चलते किसान मांग रथों में तोड़फोड़ की। इन सभी वाहनों को गुरुवार को झंडी दिखाकर प्रचार के लिए रवाना किया जाना था।