आईएमए के क्लीनिकल स्टेब्लिसमेंट एक्ट के विरोध का असर मरीजों पर देखने को मिला। दूरदराज से इलाज कराने शहर पहुंचे मरीजों को चार घंटे भटकना पड़ा। दोपहर बाद ओपीडी सेवा शुरू होने पर मरीजों का इलाज हो सका। हालांकि इस दौरान क्लीनिक और नर्सिंग होम में इमरजेंसी के मरीज जरूर देखे गए।
क्लीनिकल स्टेब्लिसमेंट एक्ट का आईएमए विरोध कर रही है। तीस जुलाई को इस एक्ट के खिलाफ प्रदेश व्यापी सभाकर विरोध जताया गया। शहर के डाक्टरों ने आईएमए भवन में सभाकर अपनी बात रखी। सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक चली सभा में सभी डाक्टर मौजूद रहे।
इस दौरान चार घंटे तक शहर के लाजपतनगर, हरपाल नगर, कटघर, सिविल लाइन, कांठ रोड, मधुबनी, आशियाना में क्लीनिक और नर्सिंग होम में ओपीडी सेवा ठप रही है। जबकि डाक्टरों के विरोध प्रदर्शन से अंजान मरीज शहर पहुंच गए।
क्लीनिक बंद होने पर दूूसरे और तीसरे क्लीनिक का चक्कर लगाते रहे। हर जगह मायूसी हाथ लगी। सभा खत्म होने पर दोपहर बाद डाक्टर क्लीनिक पर पहुंचे, तब जाकर मरीजों का इलाज हो सका।
आईएमए प्रेसीडेंट डा. राजेश सिंह ने बताया कि सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक ओपीडी प्रभावित रही। इस दौरान इमरजेंसी सेवा चलती रही। इमरजेंसी के मरीजों का इलाज किया गया।