ुरादाबाद के डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे अशोक चौधरी हत्याकांड को लेकर परिवार वाले।
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मुरादाबाद। पाकबड़ा के शिक्षक हत्याकांड के खुलासे को लेकर एक बार फिर विभिन्न संगठनों व गांव के लोग सड़को पर उतर आए। मुरादाबाद के अंबेडकर पार्क पर इकट्ठा होकर लोगों ने शिक्षक की हत्या की गुत्थी सुलझाने को लेकर प्रदर्शन किया। अंबेडकर पार्क से चलकर जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर लोगों ने धरना दिया। जिलाधिकारी कार्यालय पर त्रिपाल बिछाकर बैठे लोगों ने मामले के जल्द खुलासे की मांग की। जिलाधिकारी ने ज्ञापन लेते हुए लोगों से खुलासे को लेकर दस दिन के समय का आश्वासन देते हुए लोगों से घर जाने की अपील की जिस पर लोग अपने घरों को लौट गए।
पाकबड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम गुरेहटा निवासी आईटीआई शिक्षक अशोक चौधरी की हत्या की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है। पुलिस के लिए मामले का खुलासा करना दिन व दिन मुश्किल होता जा रहा है। पुलिस लगातार इस मामले को लेकर बैकफुट पर नजर आई है। मामले में भाजपा नेता का नाम जुड़ने के बाद परिवार व गांव के लोग पुलिस की भूमिका को लेकर पहले ही संदेह प्रकट कर चुके हैं। हत्याकांड के खुलासे को लेकर लोग लगातार उग्र होते जा रहे हैं। मृत शिक्षक को न्याय दिलाने की लड़ाई को लेकर अब कई अराजनैतिक संगठन परिवार के साथ समर्थन में उतर आए हैं। सोमवार को अंबेडकर पार्क पर इकट्ठा होकर लोगों ने मामले के जल्द खुलासे मांग को लेकर नारेबाजी की। नारेबाजी करते हुुए लोग जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे और परिसर में त्रिपाल बिछाकर धरने पर बैठ गए। जब परिसर में बैठे लोगों से ज्ञापन सौंपने को कहा गया तो उन्होंने ज्ञापन देने से मना कर दिया और खुलासा होने तक धरने पर बैठे रहने की बात कही। धीरे-धीरे उग्र होते लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस जानकर अपराधियों का बचाव कर रही है। मृत शिक्षक की पत्नी प्रीति ने आरोप लगाया कि हत्या में सत्ताधारी पार्टी के नेता का नाम सामने आ जाने से पुलिस जानकर मामले को दबाने की कोेशिश कर रही है। काफी देर चले इस प्रदर्शन के बाद जिलाधिकरी ने पांच लोगों को कार्यालय के अंदर बुलाया और मामले पर एसएसपी से चर्चा करने को कहा जिस पर लोग नहीं माने। अंत में जिलाधिकारी ने लोगों से दस दिन में हत्या की गुत्थी सुलझाने का आश्वासन दिया जिस पर मुश्किल से लोग राजी हुए। प्रदर्शन में जाट महासभा, हिंदु जगरण मंच, विश्व हिंदु महासंघ, भारतीय किसान यूनियन, राष्ट्रीय कांग्रेस छात्र संघ आदि कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने धरने में भाग लिया।
अपर जिलाधिकारी के बिगड़े बोल तो भड़क गए प्रदर्शनकारी
मुरादाबाद। जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों के तेवर उस समय और उग्र हो गए जब अपर जिलाधिकारी लक्ष्मी शंकर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को जेल भेजने की चेतावनी दे दी। लक्ष्मी शंकर सिंह ने कहा कि ज्यादा शोर मत मचाओ वरना सबको जेल भेज दिया जाएगा। इस पर वहां मौजूद लोग भड़क गए और पुलिस प्रशासन हाय-हाय के नारे लगाने लगे। उग्र लोगों ने अपर जिलाधिकारी से कहा कि हमें जेल भेज दीजिए हम जेल जाने को तैयार हैं। इस बावत लक्ष्मी शंकर सिंह पूरी तरह बैकफुट पर नजर आए। बड़ी मशक्कत के बाद लोगों को समझाकर शांत करवाया।