तीन तलाक कोे लेकर केंद्र सरकार के सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे के विरोध में यूपी बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के बैनर तले मुस्लिम महिलाओं ने मौन जुलूस निकाला। जामा मस्जिद चौराहे से लेकर जीआईसी स्कूल तक महिलाओं ने नारेबाजी की।
साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इसके पूर्व हुई बैठक में उलमा ने केंद्र सरकार के दाखिल हलफनामे की निंदा की। महिलाओं ने कहा कि सरकार के हलफनामे से मुस्लिम महिलाओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार देश में समान नागरिकता संहिता लागू करना चाहती है।
जिसकी मुस्लिम महिलाएं निंदा करती हैं। केंद्र सरकार तीन तलाक पर अपना शपथ पत्र वापस ले। उन्हें मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड में बदलाव की जरूरत नहीं है। वहीं मीटिंग में मुरादाबाद बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी सलीम बाबरी ने कहा कि बेगुनाह मुस्लिम बच्चों को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल में डाला जा रहा है।
अब मुस्लिम पर्सनल ला में हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिया इमाम प्रोफेसर मौलाना सुल्तान अहमद तोराबी ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड शरीयत के मुताबिक बनाया गया है।