मुरादाबाद। हरदासपुर स्थित गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। तीन ब्लॉकों में फिनिशिंग का काम चल रहा है। पीडब्ल्यूडी ने यूनिवर्सिटी हैंडओवर करने के लिए कुलपति को पत्र भेजा है। कुलपति निरीक्षण कर भवनों को अपने अधीन लेंगे।
रामगंगा पार हरदासपुर में 50 एकड़ भूमि पर बनाए जा रहे विश्वविद्यालय का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने 16 मार्च 2024 को किया था। निर्माण कार्य 24 अगस्त 2024 को शुरू हुआ था। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजेंद्र बहादुर सिंह ने कुलपति सचिन माहेश्वरी को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि यूनिवर्सिटी के महत्वपूर्ण ब्लॉक तैयार हो गए हैं। परिसर की सड़कों का भी निर्माण हो चुका है। उन्होंने हैंडओवर प्रक्रिया के तहत कुलपति आवास, प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक (एकेडमिक) ब्लॉक ए और बी, मुख्य द्वार, सड़कें। पुलिस बूथ, सर्वेंट क्वार्टर, गैरेज ब्रॉड रूम का निरीक्षण करने का अनुरोध किया है। शैक्षणिक भवन में प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लास रूम, रिसर्च सेंटर, आईटी लैब, सेमिनार हॉल, प्रशिक्षण केंद्र सहित अन्य प्रकार की सुविधाएं होंगी। इसी प्रकार कर्मचारियों के लिए टाइप -5 आवासीय बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। गर्ल्स एंड बॉयज हॉस्टल को फाइनल टच दिया जा रहा है। जलभराव हटाने के लिए 18 जल छाजन बनाए गए यूनिवर्सिटी में जलभराव को हटाने के कार्यदायी संस्था ने 18 जल छाजन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) बनाए हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता का कहना है कि इस प्रक्रिया के तहत बारिश होने पर रेन वाटर हार्वेस्टर प्रक्रिया के तहत जलभराव नहीं होगा। वाटर रिचार्जिंग के लिए जमीन में चला जाएगा। टेस्टिंग में जल छाजन सफल रहा है।
171 करोड़ की लागत से हुआ निर्माण
शासन ने यूनिवर्सिटी का निर्माण करने के लिए 171 करोड़ का बजट निर्धारित किया था। साथ ही सभी भवनों का निर्माण 23 फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। हालांकि, निर्माण शुरू होने के कुछ समय बाद आई बाढ़ के कारण परिसर जलमग्न हो गया। इस वजह से लगभग दो माह तक कार्य प्रभावित रहा। बाढ़ के कारण परियोजना अपने निर्धारित समय से पीछे चली गई। इसके बाद शासन की अनुमति से निर्माण कार्य पूरा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई, लेकिन कांवड़ यात्रा और अन्य कारणों से कार्य प्रभावित होने पर फिर शासन ने निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए 15 सितंबर तक तक की तिथि निर्धारित कर दी थी।
यूनिवर्सिटी के भवनों को हैंडओवर प्रक्रिया के तहत कुलपति को नियमानुसार पत्र भेजा गया है। कुलपति निरीक्षण के बाद कमियां पाएंगे तो पीडब्ल्यूडी उसे दुरुस्त कराएंगे। इसके बाद यूनिवर्सिटी के भवन कुलपति के अधीन हो जाएंगे। राजेंद्र बहादुर सिंह अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी (आवास निर्माण)