जिस घर में शादी होती है उस घर में विवाहोत्सव से संबंधित सैकड़ाें छोटे-बड़े काम होते है। घर के मुखिया से संबंधी, पड़ोसी या परिचित यही पूछते है कि कोई हमारे लायक काम हो तो बता दीजिए। लेकिन 500 व 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद विवाह वाले घरों में बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई।
घर के मुखिया से लोगों ने काम पूछा तो उन्होंने एक ही काम बताया कि भईया मुझे 500 व 1000 रुपये के नोट के बदले 50 व 100 रुपये वाले नोट ला दीजिए। आशियाना कालोनी निवासी व्यापारी प्रकाश चंद्र पांडे की बेटी की शादी गुरुवार को भले ही धूमधाम से संपंन हुई।
लेकिन विवाहोत्सव से ठीक एक दिन पहले बंद बड़े नोटों का प्रचलन बंद होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ गया। प्रकाश चंद्र ने बताया कि उनकी बेटी का रिश्ता करीब एक वर्ष पूर्व हो गया था। विवाह को लेकर पिछले तीन माह से तैयारियां जोर-शोर से चल रही थी।
लेकिन कुछ खरीदारी व काम ऐसे होते है जो विवाह वाले दिन होते है। बड़े नोट बंद होने के बाद किसी भी दकानदार ने 500 व 1000 रूपये के नोट लेने से साफ इंकार कर दिया। घर पर सामान पहुंचाने वाले को पेमेंट दे पाए। बड़े नोट बंद हो गए और छोटे नोटों का अकाल पड़ गया।
जिस कारण बहुत बड़ी दिक्कतो का सामना करना पड़ा। खर्चे के रूप में अतिरिक्त पैसे देकर छोटे नोटों की व्यवस्था करनी पड़ी। परिचित ने मुझसे पूछा कि कोई काम हो तो बता दीजिए तो मैंने कहा कि आप लोग सिर्फ एक काम कर दो उससे सारे काम हो जाएंगे। मैंने उन सभी से कहा मुझे 500 व 1000 रुपये के नोट के बदले 50 व 100 रुपये वाले नोट दे दीजिएं।