मुरादाबाद। शहर के एक अशासकीय कॉलेज के प्राचार्य पर एक महिला प्रोफेसर द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाया है। साथ ही वरिष्ठता सूची प्रभावित करने के साथ ही विभाग में धार्मिक माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए प्रबंधक और कुलपति गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय को शिकायती पत्र भेजा है। मामले में प्रबंधक ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसके अध्यक्ष प्राचार्य केजीके कॉलेज प्रो. सुनील चौधरी हैं। इसमें हिंदू कॉलेज की प्रो. बीना कुमारी और वाणिज्य विभाग से सेवानिवृत्त प्रो. एनयू खान को सदस्य नियुक्त किया गया है।
प्रोफेसर द्वारा भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि प्राचार्य ने विभागाध्यक्ष द्वारा भेजे शिकायती पत्र पर बिना मेरा पक्ष सुने निर्देश जारी कर दिए, जो प्राकृतिक न्यास सिद्धांत का उल्लंघन है। प्राचार्य कक्ष में एक बड़ी मूर्ति स्थापित है, जबकि मेज पर रखी छोटी मूर्ति को धार्मिक रंग देकर माहौल खराब करना बताया था। यह मेरे प्रति पक्षपातपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण मानसिकता और कार्यप्रणाली को सिद्ध करता है। इसकी शिकायत विश्वविद्यालय तक करना मेरी छवि को धूमिल कर रहा है। मेरे प्रति नकारात्मकता उत्पन्न करने की वजह से मुझे कई माह से अकेले बैठने को विवश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठता सूची के अभिलेखाें में गलत सूचना दी गई। इसके अलावा प्राचार्य ने पूरे महाविद्यालय में सिर्फ मेरी मेज-कुर्सी की दिशा बदल दी। उन्होंने कहा कि फरवरी माह में प्रबंधक को उत्पीड़न की शिकायत की थी। इस पर प्रबंधक ने एक समिति गठित की और उस पर कार्यवाही भी शुरु नहीं हुई। इसी बीच प्राचार्य की ओर से नया नोटिस देकर मुझे डराने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही प्राचार्य द्वारा राजनीतिक धमकियां भी दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो सक्षम न्यायालय और पुलिस प्रशासन में कानूनी कार्यवाही में विवश होना पड़ेगा। समिति अध्यक्ष प्रो. सुनील चौधरी का कहना है कि मामले में अभी जांच की जा रही है।