पराग के दूध की बिक्री बढ़ाने को मजबूत प्लानिंग की गई है। सभी सरकारी संस्थानों को दूध सप्लाई करने की योजना है। अस्पतालों से शुरूआत हो रही है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रमुख सचिव डेयरी ने आदेश दिया कि सभी राजकीय संस्थाओं से इस संबंध में बात कर ली जाए।
अभी तक प्रदेश की जेलों। किशोर संप्रेक्षण गृह और नारी निकेतन को पराग के दूध की सप्लाई की जा रही है। कुछ दूसरे संस्थानों को भी दूध सप्लाई करने की तैयारी की जा रही है। शुक्रवार को प्रमुख सचिव डेयरी एवं पशुपालन अर्चना अग्रवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 15 मंडलों में बड़े दुग्ध प्लांट लगाए जा रहे हैं। इससे दूध की खरीद भी बढ़ेगी। लिहाजा उसी तरह से मार्केट भी तैयार किया जा रहा है। जिलाधिकारियों से कहा गया कि उनके यहां जो भी सरकारी विभाग ऐसे हैं जहां दूध की सप्लाई है वहां पराग मिल्क की सप्लाई को व्यवस्था बनाई जाए।
सभी सरकारी अस्पतालों से शुरूआत की जाए। सभी जिलाधिकारियों से कहा गया कि दूध बिक्री को लेकर नियमित समीक्षा करते रहें। पहली नवंबर को दूध का रेट घोषित कर दिया जाएगा। दुध क्रीम के आधार पर रेट तय किया जाएगा। जितनी क्रीम निकलेगी उतना ही रेट तय किया जाएगा।
नए प्लांट जहां भी बनने हैं वहां के लिए अधिकारी जमीन का चयन कर लें। कहीं ऐसी जमीन न हो जिसमें जलभराव होता हो। या फिर कोई दूसरी दिक्कत हो।