मुरादाबाद। बुधवार शाम हुई बारिश ने शहर की बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। जगह-जगह फाल्ट होने से आधे शहर की बिजली गुल हो गई। जिगर कॉलोनी बिजलीघर की 33 केवी हाईटेंशन लाइन पर पीपल का बड़ा पेड़ गिरने से लाइन टूट गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे शुरू हुआ संकट देर रात तक बना रहा। तीन हजार से ज्यादा घरों में करीब पांच घंटे तक बिजली नहीं आने से घरों के इनवर्टर जवाब दे गए और हजारों लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए।
सबसे ज्यादा परेशानी जिगर कॉलोनी बिजलीघर से जुड़े इलाकों में हुई। शिव विहार, बंगला गांव और पुराना दसवां घाट समेत आसपास के क्षेत्रों की बिजली पूरी तरह ठप रही। रात बढ़ने के साथ लोगों का गुस्सा भी बढ़ता गया। परेशान उपभोक्ता सड़क पर उतर आए और रात करीब 10 बजे जिगर कॉलोनी बिजलीघर पहुंचकर घेराव करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि शाम साढ़े पांच बजे से बिजली गायब है, लेकिन न तो किसी अधिकारी ने जानकारी दी और न ही शिकायत सुनने वाला कोई मौजूद था। लोगों का कहना था कि जूनियर इंजीनियर (जेई) का फोन लगातार बजता रहा, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाई। बिजलीघर पहुंचे तो गेट अंदर से बंद मिला और कोई कर्मचारी भी दिखाई नहीं दिया। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।
स्थानीय निवासी राजीव कुमार, प्रशांत सिंह, दीपक, भूपेश कश्यप और राजेंद्र सैनी समेत कई लोगों ने कहा कि जब बिजलीघर पर कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं है और अधिकारियों के फोन भी नहीं उठ रहे हैं, तो उपभोक्ता अपनी समस्या किसे बताएं। उनका कहना था कि कम से कम यह तो बताया जाना चाहिए कि बिजली कब तक आएगी। करीब एक घंटे तक बिजलीघर पर डटे रहने के बाद लोगों की फोन पर जेई और एसडीओ से बात हो सकी। तब अधिकारियों ने बताया कि 33 केवी लाइन पर पीपल का बड़ा पेड़ गिरने से पूरा बिजलीघर बंद करना पड़ा है। निगम की टीम पेड़ हटाने और लाइन की मरम्मत में जुटी है। अधिकारियों ने रात 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया।
बारिश का असर सिर्फ जिगर कॉलोनी तक सीमित नहीं रहा। बुद्धि विहार, दौलत बाग, कबीर नगर, सीतापुरी और गुलाबबाड़ी समेत कई इलाकों में भी दो से तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इन क्षेत्रों में भी लोगों को उमस और अंधेरे के बीच भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधीक्षण अभियंता प्रशांत कुमार ने बताया कि जिगर कॉलोनी की 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। टीम को तत्काल मौके पर भेजकर पेड़ कटवाया गया और क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत कराई गई। उन्होंने कहा कि अन्य क्षेत्रों में किसी बड़े फाल्ट की सूचना नहीं मिली।