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Moradabad News: बारिश के साथ गुल हुई बिजली, नौ घंटे तक परेशान रहे लोग

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मुरादाबाद। बारिश के साथ बृहस्पतिवार को शहर के कई इलाकों की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। टैक्सी स्टैंड और दीनबंधुपुरम बिजलीघर से जुड़े इलाकों में सुबह सात बजे बिजली गुल हुई तो शाम चार बजे तक नहीं आई। करीब नौ घंटे तक आपूर्ति ठप रहने से घरों में पेयजल का संकट खड़ा हो गया। साथ ही लोग उमसभरी गर्मी से बेहाल रहे।
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सुबह करीब सात बजे टैक्सी स्टैंड बिजलीघर की 33 केवी भूमिगत लाइन में फाल्ट आ गया। इसके चलते बुध बाजार, कोठीवाल नगर, मालवीय नगर समेत आसपास के कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। बारिश के कारण भूमिगत लाइन में फाल्ट तलाशने और उसे ठीक करने में कई घंटे लगे। बिजली विभाग की टीम दिनभर मरम्मत में जुटी रही। दीनबंधुपुरम बिजलीघर से जुड़े इलाकों में भी सुबह सात बजे से बिजली आपूर्ति बाधित रही।
खुशहालपुर रोड, ब्रेड फैक्टरी के पास व कांशीरामनगर के करीब 40 हजार लोग परेशान रहे। यहां भी शाम करीब चार बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। नौ घंटे तक बिजली नहीं आने से लोगों के घरों की पानी की टंकियां नहीं भर सकीं। कई परिवारों को रोजमर्रा की जरूरत के लिए दूसरे स्रोतों से पानी जुटाना पड़ा। पंखे और कूलर बंद रहने से बारिश के बाद बढ़ी उमस ने लोगों को परेशान किया। लंबे समय तक बिजली नहीं आने का असर दुकानदारों पर भी पड़ा। कंप्यूटर, प्रिंटर, फोटोस्टेट और अन्य बिजली से चलने वाले उपकरण बंद रहे। मोबाइल और जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज नहीं हो सके।
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एसई प्रशांत कुमार ने बताया कि फाल्ट की सूचना मिलने के बाद टीमें दोनों क्षेत्रों में मरम्मत के काम में जुट गईं। भूमिगत लाइन में फाल्ट तलाशने के बाद उसे ठीक किया गया। इसके बाद शाम करीब चार बजे दोनों क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल की गई।


लोगों के कोट्स
सुबह दुकान खोलने पहुंचे तो बिजली पहले से ही बंद थी। लगा कि थोड़ी देर में आ जाएगी, लेकिन घंटे गुजरते गए। कंप्यूटर और प्रिंटर नहीं चल सके। ग्राहक काम कराने आए तो उन्हें वापस लौटाना पड़ा। शाम तक बिजली नहीं आई, जिससे पूरे दिन का कारोबार प्रभावित रहा।
- संदीप बजाज


बिजली नहीं होने से दुकान में लगे सभी उपकरण बंद हो गए। इनवर्टर से कुछ देर काम चलाया, लेकिन उसकी बैटरी भी खत्म हो गई। बारिश के बावजूद दुकान पर बैठकर बिजली आने का इंतजार करते रहे। करीब नौ घंटे की कटौती से कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा।
- कमल सपरा


सुबह बिजली जाते ही सबसे बड़ी परेशानी पानी की हुई। मोटर नहीं चली तो टंकी खाली रह गई। घर के जरूरी काम भी रुक गए। बारिश के बाद उमस बढ़ गई और पंखा-कूलर भी नहीं चल सके। कई घंटे तक बिजली का इंतजार करते रहे, तब जाकर शाम को आपूर्ति शुरू हुई।
- कांति शर्मा


सुबह सात बजे बिजली गई थी। पहले लगा कि बारिश के कारण थोड़ी देर के लिए आपूर्ति बंद हुई होगी, लेकिन दोपहर तक बिजली नहीं आई। दुकान का काम मोबाइल और कंप्यूटर पर निर्भर है। चार्जिंग खत्म होने के बाद काम पूरी तरह रुक गया। इससे काफी परेशानी हुई।
- अजय नारंग

घर में सुबह से बिजली नहीं थी। पानी की मोटर नहीं चलने से परिवार के सभी लोगों को परेशानी हुई। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई और मोबाइल चार्ज नहीं हो सके। बारिश के बाद मौसम में उमस थी, लेकिन पंखे नहीं चल पाए। शाम चार बजे बिजली आने पर राहत मिली।
- योगेश शर्मा

लगातार नौ घंटे बिजली बंद रहने से बाजार के कामकाज पर सीधा असर पड़ा। कई ग्राहक जरूरी काम कराने आए, लेकिन मशीनें और कंप्यूटर बंद होने के कारण उनका काम नहीं हो सका। बिजली विभाग से जानकारी लेते रहे, लेकिन आपूर्ति शाम तक ही बहाल हो पाई।
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- तस्वीर हुसैन
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