मुरादाबाद। सनसनीखेज स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक हत्याकांड का जल्दबाजी में खुलासा कर सिविल लाइंस पुलिस आरोपों में घिर गई। डीआईजी शलभ माथुर ने इस मामले में संज्ञान लिया है। उन्होंने अधीनस्थों से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने निर्देश दिए हैं कि हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच की जाए। सूत्रों का दावा है कि पुलिस इस मामले में नए सिरे से पड़ताल शुरू कर दी है।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के अरण्या सिग्नेचर अपार्टमेंट निवासी अशोक गुप्ता के तीस वर्षीय बेटे कुशांक गुप्ता की रामगंगा विहार में सोनकपुर स्टेडियम के पास सिद्धबली नाम से स्पोर्ट्स एवं गिफ्ट की दुकान है। बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे दुकान के बाहर कुशांक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अशोक गुप्ता ने इस मामले में बिजनौर जनपद के नूरपुर थानाक्षेत्र के कबीर नगर निवासी प्रियांशु गोयल और उसके भाई हिमांशु गोयल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज था। जिसमें आरोप लगाया था कि मेरे बेटे का प्रियांशु से विवाद चल रहा था। उसी विवाद में दोनों भाइयों ने हत्या की है। पुलिस ने प्रियांशु और हिमांशु को गिरफ्तार कर शनिवार को कोर्ट में पेश कर दिया था, जहां दोनों को जेल भेज दिया था।
सोमवार को आरोपियों के परिजन मुरादाबाद पहुंचे थे। उन्होंने उन्होंने डीआईजी व कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर केस की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उन्होंने प्रियांशु और हिमांशु को बेगुनाह होने का दावा किया है। डीआईजी शलभ माथुर ने भी इस मामले में संज्ञान लिया। उन्होंने अधीनस्थों से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने केस से जुड़े हर पहलू की गहनता से पड़ताल के निर्देश दिए हैं। डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि कुशांक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की है। अभी पुलिस की जांच जारी है। हर पहलू की गहनता से पड़ताल की जा रही है।