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दिल्ली कूच कर रहे किसानों को संभल में पुलिस ने रोका, मची खींचतान, सड़क पर लेटे किसान

Thu, 26 Nov 2020 04:51 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, संभल
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रामपुर के बिलासपुर में किसानों के धरने की वजह से हाईवे पर लगा जाम। - फोटो : अमर उजाला
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कृषि संशोधन कानून को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को दिल्ली कूच के दौरान जगह-जगह किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। रामपुर, अमरोहा, संभल आदि जिलों में दिल्ली जा रहे किसानों को पुलिस ने रोक लिया। नाराज किसान वहीं धरने पर बैठ गए। कानूनों को वापस लेने के लिए नारेबाजी भी की। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के समझाने पर मानें। अमरोहा के गजरौला में तो किसान दोपहर से शाम तक हाईवे किनारे बैठे रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभा की, इसके बाद शाम सवा सात बजे पुलिस अधिकारियों के मनाने के बाद हटे।

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रामपुर में कृषि संशोधन कानून को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को किसान संयुक्त मोर्चा ने दिल्ली कूच करने का एलान कर दिया। मोर्चा के सदस्य बैनर लेकर नैनीताल हाईवे पर पहुंच गए। हाईवे पर उनके पहुंचते ही पुलिस ने उनको रोकने की कोशिश की, इस पर किसान पहले बंगाली कालोनी के पास और बाद में रुद्र-बिलास चीनी मिल के सामने हाईवे धरना दिया। किसानों का चीनी मिल के पास धरना अभी जारी है।

किसानों ने शुक्रवार को दोपहर तक धरना देने का एलान किया है। किसानों के धरने की वजह से हाईवे पर दो घंटे तक ट्रैफिक बंद रहा। बाद में पुलिस ने हाईवे को वन वे करके जाम में फंसे वाहनों को निकलवाया। वहीं भाकियू अंबावता के कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। भाकियू अंबावता के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को आंबेडकर पार्क के पास हाईवे पर विरोध प्रदर्शन किया और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। भाकियू असली के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत मे लिया। दिल्ली कूच कर रहे भाकियू असली के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रेलवे स्टेशन के सामने हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में सभी को छोड़ दिया गया। 
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अमरोहा जनपद में गजरौला कृषि विधेयकों को वापस लेने की मांग और खेतों में पराली जलाने वाले किसानों पर एफआईआर के विरोध में दिल्ली जा रहे भाकियू (असली) से जुड़े किसानों को पुलिस ने दोपहर एक बजे हाईवे पर रोक लिया। किसान दिल्ली जाने की जिद पर अड़े हुए थे। फोर्स के संग मौजूद सीओ सत्येंद्र सिंह और इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने मानमनव्वल कर उन्हें रोक लिया। इसके बाद किसान हाईवे किनारे ही बैठ गए।

वहां हुई सभा में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों का उत्पीड़न बंद करने और कृषि विधेयकों को वापस लेने की मांग की गई। यहां सभा के बाद शाम सवा सात बजे किसान पुलिस के मनाने पर हटे। वहीं, मंडी धनौरा में दिल्ली जा रहे भारतीय किसान यूनियन असली गुट के कार्यकर्ताओं की रामलीला मैदान में पुलिस के साथ काफी देर तक नोकझोंक हुई। दिल्ली जाने पर अड़े किसान पुलिस अधिकारियों की एक नहीं सुन रहे थे। पुलिस की रोक के बावजूद सैकड़ों की संख्या में भाकियू कार्यकर्ता गजरौला की ओर कूच कर गए।

संभल में दिल्ली कूच कर रहे किसानों से संभल में पुलिस की खींचतान हुई। हाईवे पर जाम लग गया। वाहनों के पहिए आधा घंटे तक थमे रहे। सड़क पर अफरातफरी और हंगामे भरा माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन ने किसानों को सड़क से हटाने का प्रयास किया तो किसान संगठन भाकियू असली के पदाधिकारी और किसानों के साथ सड़क पर लेट गए। पुलिस ने उन्हें उठाया और खदेड़ा भी। किसान दिल्ली जाने पर अडिग थे। जब पुलिस के रोकने पर भी नहीं माने तो पुलिस ने शांति भंग के अंदेशे में 30 किसानों को गिरफ्तार कर लिया।

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