मुरादाबाद। पुलिस कैसे ‘कट कॉपी पेस्ट’ करती है। इसका एक उदाहरण कटघर थाने में सामने आया है। कोर्ट के आदेश के सवा दो साल बाद दर्ज किए गए मुकदमे में किसी अन्य केस का विवरण लिख दिया है। वादी को इसकी जानकारी हुई तो उसने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर थाना प्रभारी की शिकायत की है। इस मामले में अदालत ने थाना प्रभारी को तलब कर तीन दिन में स्पष्टीकरण दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
कटघर थानाक्षेत्र के गोविंद नगर निवासी रविदत्त भटनागर संभल जनपद के बहजोई में कानूनगो के पद पर तैनात हैं। उन्होंने ने 30 अक्तूबर 2019 को पड़ोस के ही रहने वाले रमेश सिंह, मंजू, अदिति सिंह, दीप्ती और आवंतिका के खिलाफ कटघर थाने में तहरीर दी थी। जिसमें वादी ने मारपीट करने का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर ली थी, लेकिन एनसीआर को केस में तरमीम नहीं किया। इसके बाद रविदत्त ने अदालत की शरण ली थी। कोर्ट ने एनसीआर की विवेचना के आदेश दिए थे। वादी का आरोप है कि अदालत के आदेश के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सवा दो साल बाद रविदत्त दोबारा अदालत में पहुंच गए। उन्होंने अदालत में अपने अधिवक्ता अभिषेक भटनागर के माध्यम से घटना की जानकारी दी। अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई की गई थी। कोर्ट की सख्ती पर
कटघर थाने की पुलिस ने 21 फरवरी को मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन उसके विवरण में एक अन्य केस की तहरीर शामिल कर दी। वादी की ओर से अब अदालत में दोबारा थाना प्रभारी के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया गया है । जिसमें थाना प्रभारी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अदालती कार्यवाही में बाधा उत्पन्न की है। अदालत के आदेश की अवहेलना की है। जिस पर अदालत ने थाना प्रभारी को तलब कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
कोर्ट के आदेश पर 21 फरवरी को केस दर्ज किया गया है। एफआईआर का विवरण मुंशी ने भूलवश किसी अन्य केस का पेस्ट कर दिया है। जिसे विवेचना में सुधार दिया गया है।
आरपी शर्मा, थाना प्रभारी
एफआईआर के विवरण में किसी दूसरे केस की विवरण कैसे दर्ज हो गया। इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बबलू कुमार, एसएसपी
इन धाराओं में दर्ज किया गया है केस
आईपीसी की धारा 223, 504 में केस दर्ज किया गया है।
एनसीआर के खिलाफ सात नवंबर 2019 को आदेश हुआ था। आठ नवंबर 2019 को थाने के पैरोकार ने रिसीव करने के बाद थाने में दिया
21 फरवरी 2022 को अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया
एफआईआर के कॉलम संख्या 12 में सौरभ शर्मा के साथ मारपीट दिखाई गई है।
एनसीआर(असंज्ञेय अपराध )