छात्र सालिम की हत्या में फरार चल रहा हिस्ट्रीशीटर नासिर वारदात के छह दिन बाद भी पुलिस पकड़ से दूर है। इस बीच मकतूल सालिम के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस जानबूझकर नासिर को बचाने की कोशिश में जुटी है। नासिर मुगलपुरा का हिस्ट्रीशीटर है और खनन के धंधे से भी जुड़ा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस के साथ नासिर का अच्छा उठना - बैठना है लिहाजा वारदात के बाद पुलिस ने तहरीर से भी उसका नाम हटवाने की कोशिश की थी।
नवाबपुरा निवासी ग्रेजुएशन के छात्र मोहम्मद सालिम पुत्र मोहम्मद शौकीन अली की 27 मई की रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात मुगलपुरा में हसीब के आफिस में हुई थी। परिजनों ने इस मामले में हसीब उर्फ भुरियल पुत्र साबिर प्रधान निवासी हमसफर मैरिज हाल के पास मुगलपुरा उसके सगे भाई हिस्ट्रीशीटर नासिर, अरबाज पुत्र डा. एमए खान निवासी सकलेनी क्लाथ हाउस के पास करुला और आमिर पुत्र इमदाद खां निवासी शाहबुद्दीन चौराहा मुगलपुरा के खिलाफ मुगलपुरा थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सालिम के पिता रेलवे कर्मी मोहम्मद शौकीन का आरोप है कि घटना से पहले आरोपी उनके बेटे को घर से बुलाकर ले गए थे और दो लाख रुपये के विवाद में उसकी हत्या कर दी। आरोपियों पर सालिम के दो लाख रुपये थे।
शौकीन अली का आरोप है कि पुलिस ने घटना के वक्त उन पर दबाव बनाया कि वह अज्ञात में मुकदमा लिखा दें। जब वह इसके लिए तैयार नहीं हुए तो उन पर नासिर और हसीब का नाम निकालने का प्रेशर बनाया गया। दरअसल पुलिस ने सालिम का नाम सट्टे से जोड़कर मामले को मोड़ने की कोशिश भी की थी। जबकि छानबीन के बाद पता चला कि सालिम छात्र था और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। सालिम के पिता का कहना है कि वह बेटे को इंसाफ मिलने तक कानूनी लड़ाई लड़ते रहेंगे।