जिले के 105 और मदरसे दुनियावी तालीम से जुड़ गए हैं। मदरसा आधुनिकीकरण के तहत इन मदरसों में पढ़ने वाले तालिब-ए-इल्म को दीन के साथ दुनियावी तालीम दी जा रही है। जबकि 237 मदरसे पहले ही मदरसा आधुनिकीकरण में शामिल हैं। अब जिले में ऐसे मदरसों की संख्या 342 पहुंच गई है। मदरसों में दीनी तालीम हासिल करने वाले बच्चों को दुनियावी तालीम देने के लिए केंद्र ने स्कीम फार प्रोवाइडिंग क्वालिटी एजुकेशन इन मदरसा (एसपीक्यूईएम) योजना चलाई है।
इसके तहत मदरसाें का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इसके तहत मदरसाें के बच्चों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित के साथ-साथ कंप्यूटर की शिक्षा दी जा रही है। जिले के 237 मदरसों को इस योजना से जोड़ा गया है। अब 105 और मदरसों में बच्चों को दीन के साथ दुनियावी तालीम मिलने लगी है। इस्लामिक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के अध्यक्ष मो. अजीमउल्लाह ने बताया कि आईमास के कोशिशों से मदरसों को आधुनिकीकरण से जोड़ा जा रहा है।
मदरसों में दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम को भी मजबूूती मिल रही है। आधुनिकीकरण के तहत 105 मदरसों में बच्चों को हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान की तालीम मिल रही है। इसके लिए करीब 314 शिक्षकों की तैनाती हुई है।