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पुलिस ने रुकवाई रामलीला..कलक्ट्रेट पर चिल्लाए लोग

Sat, 08 Oct 2016 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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रामलीला - फोटो : demo pic
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पुलिसिया नासमझी की वजह से कुंदरकी भी कांठ की तर्ज पर आगे बढ़ रहा है। यहां धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर को लेकर दोनों वर्गों में तनाव है। मंदिर और मस्जिद पर बिना अनुमति लाउडस्पीकर लगाने पर पुलिस ने दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज किया है।
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लेकिन हिंदू समाज के लोगों का आरोप है कि सियासी दबाव में पुलिस एक्शन महज उन्हीं पर हो रहा है। गुरुवार रात पुलिस ने रामलीला मंचन रुकवाकर आग में घी का काम किया। जिस पर भड़के हिंदुओं ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर दिनभर हंगामा किया और रात को रामलीला मंचन से इंकार कर दिया।

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने पहुंचे कुंदरकी के सौ से अधिक लोगों का आरोप था कि कुंदरकी पुलिस ने दबिश के दौरान महिलाओं से बदसलूकी भी की। दरअसल कुंदरकी कस्बे में मंदिर और मस्जिद पर दोनों वर्गों ने बिना अनुमति के लाउडस्पीकर लगा लिए हैं। दोनों धर्मस्थलों पर निर्माण कार्य भी हुआ है।
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भनक लगने पर पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोप है कि गुरुवार रात पुलिस ने नामजद हिंदुओं की गिरफ्तारी के लिए रामलीला मंचन के दौरान वहां छापामारी की और रामलीला रुकवा दी। 

इससे आक्रोशित हिंदू समाज की महिलाएं और पुरुष शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा की जानकारी मिलने पर एसएसपी नितिन तिवारी दफ्तर से बाहर आए और प्रदर्शनकारियों से बात की। प्रदर्शनकारियों ने एसएसपी से कहा कि राजनीतिक दबाव में कुंदरकी पुलिस हिंदुओं का उत्पीड़न कर रही है।

पुलिस मंदिर से तो लाउडस्पीकर उतरवा रही है। जबकि दूसरे समुदायों के धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर नहीं उतारे जा रहे हैं। आरोप लगाया कि गुरुवार की रात पुलिस ने घरों में दबिश दी। महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। जबकि रामलीला मंचन रुकवाते हुए कलाकारों व दर्शकों के साथ मारपीट की।

एसएसपी ने आक्रोशित लोगों को आश्वासन दिया कि पुलिस रिकार्ड में जिनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है पुलिस उन्हीं पर कार्रवाई करेगी। नई परंपरा नहीं पड़ने दी जाएगी और एक्शन निष्पक्ष होगा। इसके बाद ग्रामीण यहां से तो चले गए लेकिन शुक्रवार रात को रामलीला मंचन से इंकार कर दिया।
  गुरुवार की देर रात डेढ़ बजे पुलिस आई थी और अभद्रता करते हुए मंचन को बंद करा दिया। पुलिस उत्पीड़न के विरोध में रामलीला मंचन को मजबूर होकर बंद करना पड़ा है। एसएसपी को भी पुलिस अभद्रता से अवगत करा दिया है। दोषियों पर एक्शन होने तक रामलीला का मंचन नहीं करेंगे।
- प्रवीन भूषण, अध्यक्ष, श्रीराम लीला एवं मेला कमेटी, कुंदरकी। धर्मस्थल विवाद के मामले में पुलिस कुछ लोगों को देखने गई थी। वह मुकदमे मेें नामजद हैं। रामलीला रुकवाए जाने का आरोप निराधार है। पुलिस भला क्यों रामलीला रुकवाएगी। कमेटी पदाधिकारियों की ओर से जो  भी  आरोप लगाए जा रहे हैं वह तथ्यहीन और निराधार हैं। पुलिस ने कोई मंचन नहीं रुकवाया है। 
- सुनील शर्मा, थानाध्यक्ष, कुंदकरी।  पुलिस रिकार्ड में पहले से जो दर्ज है। उसी आधार पर लाउस्पीकर लगाए जांएगे। कहीं भी नई परंपरा नहीं डालने दी जाएगी। जो ऐसा करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। - नितिन तिवारी, एसएसपी 
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