मुरादाबाद आई दस फागिंग मशीनों को मार्च महीने में रामपुर भेज दिया गया। इन मशीनों का इस्तेमाल कर रामपुर को मच्छरों से महफूज किया जाता रहा है। जबकि महानगर के लोगोेें को मच्छर अपना शिकार बनाते रहे। शहरवासी मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड के शिकार होते रहे।
लेकिन नगर निगम इससे बेखबर बना रहा। हालांकि मेयर की शिकायत के बाद रामपुर से ये दस मशीनें शुक्रवार को वापस आ गई हैं। इसे लेकर मेयर और नगर आयुक्त में तकरार भी हुई। चर्चा है कि इसमें एक मंत्री ने मनमानी की।
मेयर विनोद अग्रवाल का दावा है कि मार्च में मुरादाबाद नगर निगम के लिए दस फागिंग मशीनें शासन ने भेजी थीं। जिन्हें निगम अफसरों ने रामपुर भिजवा दिया। तर्क दिया गया कि मुरादाबाद में पहले से पर्याप्त फागिंग मशीनें हैं लिहाजा यहां इनकी जरूरत नहीं है।
इसमें सात साइकिल पर इस्तेमाल की जाने वाली छोटी मशीनें थी। जबकि तीन आटो पर इस्तेमाल करने वाली बड़ी मशीनें थी। इनका एक दिन भी इस्तेमाल नहीं किया गया। शहर वालों को मच्छर डंक मारते रहे और शहर के हिस्से की फागिंग मशीने रामपुर में मच्छरों को मारती रहीं।
मेयर का कहना है कि जब उन्हें इस हकीकत का पता चला तो उन्होंने अधिकारियों से मुरादाबाद के हिस्से की मशीनों के बारे में पूछा। बकौल मेयर पहले अफसर टालमटोल करते रहे कि मशीनें गोदाम में रखी हैं।
मेयर का कहना है कि जब उन्हाेंने गोदाम पर पहुंचकर मशीने दिखाने को कहा तो पता चला कि मशीनें आने के साथ ही रामपुर भेज दी गई थीं। इसे लेकर मेयर और नगर आयुक्त में तकरार भी हुई, बहरहाल शुुक्रवार को ये मशीनें रामपुर से वापस मंगा ली गईं।