बिलारी के अजुध्या शुगर मिल में वॉकीटॉकी से छेड़छाड़ करने में पकड़े गए कश्मीरी युवकों का इतिहास खंगालने में पुलिस और आईबी समेत अन्य खुफिया एजेंसियों जुटी हैं। रविवार को टीमों ने शुगर मिल पहुंचकर मिल मजदूराें के आवासीय पते और पहचान संबंधी दस्तावेज देखकर गहराई से जांच पड़ताल की।
उधर, कश्मीरी मजदूराें के ठेकेदार ने शुगर मिल के लिपिक पर धमकाने का आरोप लगाया है। जबकि इन मजदूरों के लोकल संबंधों की जांच पड़ताल की जा रही है। अजुध्या शुगर मिल के चीनी गोदाम पर तैनात लिपिक ऋषिपाल सिंह निवासी ग्राम रौजा से कश्मीर निवासी दो पल्लेदार मजदूराें तारिक और आशिक ने अभद्रता की थी और वॉकीटॉकी से छेड़छाड़ की थी।
इस मामले में लिपिक ने जब कोतवाली पहुंचकर एनसीआर लिखाई तब बिलारी पुलिस ने दोनों कश्मीरी मजदूराें को शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायालय में चालान कर दिया था। शनिवार को इस प्रकरण को बिलारी पुलिस ने साधारण मारपीट और शांतिभंग का मामला मानकर हल्के से लिया था।
रविवार को जब अखबाराें में विस्तार से समाचार छपा और खुफिया एजेंसियों की नजर मिल में रह रहे कश्मीरी मजदूराें पर गई तब उच्च अधिकारियाें के निर्देश पर बिलारी पुलिस ने गहराई से जांच पड़ताल की।
पुलिस जांच में पता चला कि पंजाब निवासी ठेकेदार रामलाल भाटिया के शाहबाद निवासी रिश्तेदार विजय कुमार के माध्यम से अजुध्या शुगर मिल बिलारी और राणा शुगर मिल करीमगंज में 15-15 कश्मीरी मजदूराें का समूह मौजूदा गन्ना सीजन में चीनी की बोरियाें की सिलाई और ढुलाई करने आया है।
मिल में इन कश्मीरी मजदूराें का निर्देशन कश्मीर के जिला कुलगांव तहसील डमहाल अंतर्गत डीके मर्ग गांव निवासी फैयाज अहमद मलिक कर रहा है। इस समूह में यासीन मलिक, जमाल मलिक, अरशद मलिक, शौकत मलिक, आशिक मलिक, उमरगुल मलिक, फैजान मलिक आदि मजदूर शामिल हैं।
फैयाज अहमद मलिक ने पुलिस को बताया है कि वह बीते सात साल से लगातार इस शुगर मिल में आ रहे हैं। एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि रविवार को मजदूरों से पूछताछ की गई थी। उन्होंने अपने दस्वावेज व अन्य कागजात दिखा दिए हैं।