मूंढापांडे थानाक्षेत्र के महेशपुर भिला गांव में बेटी से हुई छेड़खानी के विरोध में पिता की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एसएससी ने जांच रिपोर्ट आने के बाद देर रात करनपुर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया है, जबकि दो दरोगा और चार सिपाहियों को लाइन हाजिर कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। थाना प्रभारी नवाब सिंह की भूमिका की जांच के लिए सीओ हाईवे को निर्देशित किया गया है।
मूंढापांडे थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव में सोमवार शाम हाई स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ ग्राम के ही कुछ युवकों ने छेड़खानी की थी। छात्रा ने इसकी शिकायत अपने पिता से की तो वह आरोपियों के घर शिकायत लेकर पहुंच गए थे। आरोप है कि इस दौरान आरोपी और उनके परिजनों ने छात्रा के पिता हरिओम के साथ मारपीट की थी। हरिओम के भाई और उनके भतीजे को भी पीटा गया था। इस मामले की शिकायत पुलिस चौकी में की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मूंढापांडे थाने में भी शिकायती पत्र दिया गया था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की तो वह अपने घर लौट गए थे। मंगलवार सुबह फिर से आरोपियों ने पीड़ित परिवार के घर पर हमला बोल दिया था। जिसमें हरिओम गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने पर उनकी मौत हो गई। हरिओम के दो भाई और एक भतीजा इसकी शिकायत लेकर मूंढापांडे थाने पहुंचे तो उनके भी साथ मारपीट की गई थी।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कर्मियों की जांच कराई। प्रथम दृष्टया करनपुर चौकी इंचार्ज वीरेंद्र कुमार की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा इसी चौकी पर तैनात दरोगा अश्वनी कुमार, परमानंद के अलावा सिपाही सुखनंदन, धीरेंद्र, मनोज कुमार और अतुल कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। वहीं, मूंढापांडे थाना प्रभारी नवाब सिंह की भूमिका की जांच सीओ हाईवे रामसागर को दी गई है।