सात साल की छात्रा के साथ दुष्कर्म करने वाले मुलजिम चपरासी को स्पेशल न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट-3 सुभाष सिंह की अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा न करने की दशा में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की धनराशि की पीड़ित बच्ची की मां व केस की वादी को देय होगी।
यह शर्मनाक घटना सोलह नवंबर 2019 की है। एक महिला ने कटघर थाने में स्कूल चपरासी रामकिशोर निवासी बल्देवपुरी थाना कटघर के खिलाफ केस दर्ज कराया था। महिला ने बताया था कि उसकी उसकी सात वर्षीय बेटी स्कूल में ही छुट्टी के बाद ट्यूशन पढ़ती थी। सोलह नवंबर की शाम बच्ची घर पहुंची और उसने बताया अपने साथ हुई घटना की जानकारी मां को दी। आरोपी चपरासी ने छुट्टी के बाद स्कूल में बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद पीड़ित बच्ची का मेडिकल कराया था। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने तफ्तीश करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस केस की सुनवाई स्पेशल न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट)/ अपर जिला न्यायाधीश कोर्ट -3 सुभाष सिंह की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेश सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए दलीलें दी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम रामकिशोर को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को उम्रकैद और 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
मजबूत पैरवी से दस माह में दोषी को मिली सजा
मुरादाबाद। मासूम छात्रा के साथ हैवानियत करने वाले दोषी राम किशोर को दस माह में ही उसके उसके गुनाह की सजा मिल गई। अदालत में मजबूत पैरवी से दस माह में ही रामकिशोर को उम्रकैद की सजा मिली है। अदालत में सरकार की ओर से बारह लोगों की गवाही हुई। खुद पीड़ित के बयान भी अहम रहे। जिसने मुलजिम की पहचान की। इसके अलावा पीड़ित बच्ची की मां और केस की विवेचना करने वाले विवेचक ने भी मजबूत चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी।
लॉक डाउन में प्रदेश में दूसरी सजा
मुरादाबाद। लॉक डाउन लगने के बाद से प्रदेश में पॉक्सो एक्ट के मामले में मुरादाबाद में गुरुवार को सजा सुनाई गई। इससे पहले मामले में मथुरा में सजा सुनाई गई है।