मुरादाबाद। इंटरनेट के दौर में कंप्यूटर साइंस (सीएस) के प्रति विद्यार्थियों का रुझान तेजी से बढ़ा है। इंजीनियरिंग की इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, सिविल या इलेक्ट्रिकल ट्रेड के मुकाबले विद्यार्थियों की पहली पसंद कंप्यूटर साइंस बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटलाइजेशन के दौर में कंप्यूटर साइंस से रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी हुई है। विद्यार्थियों के पास नौकरी के अलावा स्वरोजगार शुरू करने के भी विकल्प अधिक होते हैं, लेकिन इंजीनियरिंग की अन्य ब्रांचों में भी सफलता की अपार संभावनाएं हैं। आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया आदि जैसी योजनों पर सरकार का जोर है। इसलिए आने वाले समय में अन्य ब्रांचों का बोलबाला होगा।
भारत की प्रौद्योगिकी के जनक कहे जाने वाले मोक्षागुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर विशेषज्ञों ने बताया कि मुरादाबाद के इंजीनियरिंग कालेजों में सबसे ज्यादा 87.5 फीसदी प्रवेश कंप्यूटर इंजीनियरिंग में हैं, जबकि मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 41.66 फीसदी, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 33.33 फीसदी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में 22.91 फीसदी और सिविल इंजीनियरिंग में 38.88 फीसदी प्रवेश हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों में कंप्यूटर इंजीनिरिंग में एडमीशन में बढ़ोत्तरी हुई है। उसका मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, डेटा साइंस आदि क्षेत्र हैं। पूरे विश्व में इन क्षेत्रों में तेजी से विकास होने की वजह से कुशल युवकों की मांग रोजगार के लिए बढ़ी है। कैंपस प्लेसमेंट के तहत मिलने वाले वेतन पैकेज भी आकर्षक होती है। स्थानीय के अलावा मल्टीनेशनल कंपनियों में मांग होने के कारण विदेशों में जाने की उम्मीदें अधिक होती हैं।