कुत्ता साथ में हो तो लगता है पुलिस सच में एलर्ट है। पब्लिक भी समझती है सही में कोई बड़ी चेकिंग है। साथ चलने वाले साहब का रुतबा भी थोड़ा वजनी लगने लगता है। शायद इसी सोच के साथ अपने कोतवाल साहब ने रविवार को नया प्रयोग कर डाला। शायद पालतू कुत्ते की रास पकड़कर टहलने निकले थे।
लेकिन तभी कप्तान की ओर से सरप्राइज चेकिंग का आदेश हो गया। चेकिंग गृह मंत्रालय की ओर से आतंकी हाई एलर्ट के मद्देनजर थी। लिहाजा कोतवाल साहब अपने टॉमी को चेकिंग में भी साथ ले गए। स्टेशन पर घंटाभर तक अपने पालतू कुत्ते को पूरी ठसक से स्निफर डॉग बनाकर घुमाया। फिर कोतवाली लौट गए।
पुलिस डॉग स्क्वाड के एक ट्रेंड स्निफर डॉग की जगह अपने मामूली पालतू कुत्ते को कपड़े पहनाकर कोतवाल साहब ने मुसाफिरों से लेकर ट्रेन तक चेक कर डालीं। अपने टॉमी की रास पकड़कर उसे जहां तहां सुंघाया। टॉमी को न कुछ स्मैल करना था न कर पाया। हकीकत कोतवाल साहब को भी पता थी।
लेकिन औपचारिकता तो पूरी करनी ही थी। लिहाजा पूरी शिद्दत से कुत्ते को घुमाते रहे। अनट्रेंड डॉग भला करता भी क्या। साथी पुलिस वाले तो बुदबुदा ही रहे थे माजरा पब्लिक भी समझ रही थी। जब बात ज्यादा खुलने लगी तो कोतवाल साहब अपने टॉमी को लेकर स्टेशन से निकल लिए।
कोतवाल के इस खेल पर अफसर भी बयान देने से बच रहे हैं। एसपी सिटी डा. राम सुरेश यादव का कहना है कि मामले की जांच कराएंगे। वहीं इंस्पेक्टर कोतवाली राकेश वशिष्ठ का कहना है कि कुत्ता उनका पालतू है लेकिन ट्रेंड है।