देश भर में जहां दिवाली की धूम है, लोग मिठाईयां, पटाखे और सजावट के सामान खरीदने में व्यस्त हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के संभल जिले में तीन गांव ऐसे हैं जहां के लोग दिवाली नहीं मनाते हैं। बल्कि इस त्योहार के दिन संभल के तीनों गांवों में मातम का माहौल रहता है।
संभल जिले के गुन्नौर तहसील के गुन्नौर, मखदुमपुर और हदुदा गांव के लोग पिछले 25 वर्षों से दिवाली नहीं मनाते हैं। इनके गांव में दिवाली के दिन न तो रंगोली सजती है, न ही दीये जलते हैं। दिवाली का प्रकाश इन गांवों तक नहीं पहुंच पाता।
इसका कारण पूछने पर यहां के ग्रामीणों ने बताया कि 25 साल पहले दिवाली मनाते वक्त स्थानीय निवासी उदयवीर सिंह की मौत हो गई थी। उदयवीर यादव जाति में ओढा गोत्र से ताल्लुक रखते थे। उनकी मौत के बाद से ही ओढा गोत्र के लोगों में यह बात फैल गई कि उदयवीर की मौत दिवाली मनाने के कारण ही हुई थी।
इस घना के बाद से ही उक्त तीन गांवों में रहने वाले ओढा गोत्र के लोग दिवाली नहीं मनाते हैं।