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संभल बवाल में पुलिस का नया एक्शन: अब रडार पर आरोपियों के करीबी, 200 से ज्यादा निशाने पर; खंगाल रहे कॉल डिटेल

Thu, 19 Dec 2024 10:17 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

24 नवंबर की सुबह संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान जमकर बवाल हुआ था, जिसमें पांच लोगों की जान चली गई थी। अब तक इस मामले में 12 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। तीन महिला समेत 41 आरोपी जेल भेज में बंद हैं।
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फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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विस्तार
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संभल बवाल के फरार आरोपियों के करीबी पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस इनके जरिये आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है। आरोपियों के 200 से ज्यादा करीबी और संपर्क में रहने वाले लोगों के मोबाइल का सीडीआर पुलिस ने निकलवाया है। जिससे पता चल सके कि यह लोग कहां बातचीत कर रहे हैं। साथ ही उनके बैंक खातों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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24 नवंबर की सुबह संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान जमकर बवाल हुआ था, जिसमें पांच लोगों की जान चली गई थी। अब तक इस मामले में 12 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। तीन महिला समेत 41 आरोपी जेल भेज में बंद हैं। अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें यूपी के अलावा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार तक दबिश दे चुकी हैं।

इसके बाद भी फरार आरोपियों के बारे में पुलिस को पुख्ता जानकारी नहीं मिल पा रही है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल का सीडीआर निकलवाया तो पता चला कि घटना के बाद से आरोपी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों की डिटेल भी निकलवाई, जिससे पता चल सके कि आरोपियों ने कहीं डेबिट या क्रेडिट कार्ड का तो इस्तेमाल नहीं किया। इसके बावजूद सफलता नहीं मिल पाई।

अब पुलिस ने बवाल के आरोपियों के करीबियों का सीडीआर या काॅल डिटेल रिकाॅर्ड निकलवाया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि 200 से ज्यादा लोगों का सीडीआर निकलवाकर जांच की जा रही है कि आरोपी उनके संपर्क में तो नहीं हैं। इसके अलावा खुफिया तंत्र की ओर से भी आरोपियों के करीबी और संपर्क में रहने वाले लोगों की निगरानी की जा रही है।
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संभल बवाल के आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं। कुछ टीमें दूसरे शहरों और जनपदों में भी दबिश दे रही हैं। इस मामले में जो भी आरोपी हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पूरी जांच के बाद ही आरोपियों के नाम केस में शामिल किए जा रहे हैं। निर्दोष लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। - मुनिराज जी, डीआईजी
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