मुरादाबाद। एक ग्राम पंचायत अधिकारी ने विकास कार्यों में न सिर्फ अनियमितता बरती बल्कि सामग्री के रूप में खर्च दिखाकर पत्नी की फर्म को चेक से एक लाख 96 हजार रुपये का भुगतान कर दिया। इसकी शिकायत पर डीएम ने आरोपी सचिव के खिलाफ जांच कर शिकायत सही पाए जाने पर डीपीआरओ से आरोपी के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए थे, लेकिन करीब सवा साल गुजर जाने के बाद भी आरोपी सचिव से न तो पत्नी के फर्म के नाम निर्गत की धनराशि की वसूली हो सकी है और न ही एफआईआर। यही नहीं इससे पूर्व में किए गए घोटाले के मामले में निलंबित चल रहे सचिव को अनंतिम रूप से बहाल करते हुए एक दो नहीं बल्कि चार ग्राम पंचायतों का चार्ज भी कुछ दिन पहले दे दिया गया है।
वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायत सेरुआ धरमपुर में दो सड़कों का निर्माण सीसी टाइल से कराया गया था। दोनोें सड़कों की सीसी टाइल खरीद के नाम पर नैक्सेस कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से 196476 रुपये का चेक से भुगतान किया गया। यह फर्म ग्राम पंचायत सचिव नीरज कुमार सिंह की पत्नी के नाम की थी। ग्राम निवासी अजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, ओमदीन व रामचंद्र ने इसकी शिकायत डीएम से की थी। इस पर डीएम ने 27 मई 2019 को मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच डीपीआरओ को सौंपते हुए शिकायत सही पाए जाने पर एफआईआर कराकर आख्या उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। बताया जाता है कि मामले की जांच के दौरान डीपीआरओ ने प्रधान पातीराम को भी दोषी मानते हुए उसके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए थे, लेकिन आरोपी सचिव के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। यही नहीं ग्राम पंचायत सोनकपुर देहात में कार्यवाहक ग्राम प्रधान के साथ मिल कर करीब 28 लाख रुपये के गबन के आरोप में पहले से निलंबित चल रहे ग्रापं अधिकारी नीरज कुमार सिंह को डीपीआरओ ने करीब 20 दिन पहले अनंतिम रूप से बहाल करते हुए चार ग्राम पंचायतों द्वारखेड़ा, उमरारा, उदयपुर नरोली, नियामतपुर के सचिव भी सौंप दिया। दागी सचिव पर डीपीआरओ की यह दरियादिली चर्चा का विषय बनी हुई है।
इधर सोनकपुर देहात ग्राम पंचायत में भी आरोपी सचिव पर पत्नी की फर्म को 3.93 लाख से अधिक की धनराशि के भुगतान का आरोप है। आरोपी सचिव के खिलाफ कार्रवाई न होने पर सेरुआ के शिकायतकर्ता राजेंद्र ने हाल ही में लोकायुक्त को पत्र भेज कर पंचायत विभाग के अधिकारियों पर आरोपी सचिव को बचाने का आरोप लगाते हुए जांच करा कार्रवाई की मांग की है।
सेरुआ धरमपुर ग्राम पंचायत में तैनाती के दौरान ग्रापं सचिव नीरज कुमार सिंह द्वारा पत्नी की फर्म को 1.96 लाख रुपये का भुगतान करने संबंधी की गई शिकायत पर डीएम ने मुझे जांच कर शिकायत सही पाए जाने पर एफआईआर के आदेश डीएम द्वारा दिए गए हैं। जांच अभी खत्म नहीं हुई है। पहले से निलंबित चल रहे आरोपी सचिव को पूरी तरह बहाल नहीं किया गया है। अनंतिम बहाली देते हुए ग्राम पंचायतों का चार्ज दिया गया है। जांच जल्द पूरी की जाएगी। जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
राजेश कुमार सिंह, डीपीआरओ
यह सही है कि मैंने अपनी पत्नी की फर्म के नाम भुगतान किया है। वह नियमानुसार गलत नहीं है। मैंने कोई अनियमितता नहीं बरती। यही वजह है कि डीपीआरओ ने अनंतिम रूप से बहाल किया है। कुछ लोग अपनी राजनीति के कारण शिकायत कर रहे हैं।
नीरज कुमार सिंह, ग्रापं सचिव