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Moradabad News: पंजों के निशान से शावकों के पास तेंदुए के आने की पुष्टि

Thu, 07 May 2026 01:59 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
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बिलारी के धनुपुरा तुरखेड़ा गांव के संपर्क मार्ग पर लाठी डंडे लिए खड़ें गामीण-संवाद
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बिलारी। धनुपुरा तुरखेड़ा गांव के जंगल में एक किसान के गन्ने के खेत में मंगलवार शाम तेंदुए के तीन शावक मिलने के बाद आसपास के ग्रामों में भय का माहौल है। बुधवार को वन विभाग की टीम ने आसपास के खेतों में कॉम्बिंग की लेकिन मादा तेंदुए की कोई लोकेशन नहीं मिल पाई हालांकि पंजों के निशान से मादा तेंदुए के रात में अपने शावकों के पास आने की पुष्टि जरूर हुई।
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बिलारी से बीरमपुर सिहारी माला होते हुए जो सड़क धनुपुरा तुरखेड़ा गांव को जा रही है उस सड़क के उत्तर की दिशा में धनुपुरा तुरखेड़ा के रकबे में बिलारी के किसान अरविंद सिंह का गन्ने का खेत है। इस खेत में खड़े गन्ने की छिलाई करते समय मजदूरों ने तेंदुए के तीन शावक देखे थे जिन्हें चारों ओर से गन्ने के सूखे पत्तों से ढंक दिया गया था। क्षेत्रीय वन अधिकारी के निर्देश पर मंगलवार पूरी रात वन विभाग की टीम शावक मिलने के इलाके के आसपास सतर्क रही थी।
बुधवार सुबह वन विभाग की टीम ने शावकों वाले खेत के आसपास के खेतों में जब पंजे के निशान लगे देखे तब उनकी गहराई से जांच करने पर पता चला कि मादा तेंदुआ आधी रात के बाद किसी समय अपने शावकों के पास आई और थोड़ी देर रुककर फिर जंगल में चली गई। वन विभाग की टीम ने धनुपुरा तुरखेड़ा के जंगल में गन्ने की फसल वाले खेतों में बुधवार को दिन भर तलाश की लेकिन मादा तेंदुए की कोई लोकेशन नहीं मिल पाई।
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क्षेत्रीय वन अधिकारी बिलारी रिजुल कंसल ने बताया कि पंजों के निशानों की जांच से मादा तेंदुए के मंगलवार रात अपने शावकों के पास आने की पुष्टि हुई है। बुधवार रात को फिर मादा तेंदुए के अपने शावकों के पास आने का इंतजार किया जाएगा ताकि वह शावकों को अपने साथ ले जा सके।
क्षेत्रीय वन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर विभागीय अधिकारियों की अनुमति मिलने के बाद ही मादा तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आसपास के ग्रामों में वन विभाग द्वारा पम्फलेट बांटकर जागरूकता अभियान चलाया गया है। ग्रामीणों से अनुरोध किया गया है कि वह खेतों में अकेले न जाएं, छोटे बच्चों को स्कूल अकेले न भेजें, रात्रि में फसलों की सुरक्षा के लिए भूमि या चारपाई पर न सोएं तथा गन्ने की फसल की कटाई और छिलाई बैठकर न करें। यदि किसी ग्रामीण को कहीं भी जंगल में तेंदुआ दिखे तब तत्काल वन कर्मियों को बताएं।
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